शिक्षा, रोजगार, समान अवसर और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर जस्टिस मोर्चा की साइकिल यात्रा वाराणसी पहुंची. कांग्रेस नेताओं ने युवाओं की मांगों का समर्थन करते हुए रिक्त पदों को भरने और लंबित भर्तियां पूरी करने की मांग की.
वाराणसी. शिक्षा, रोजगार, समान अवसर और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर निकली युवाओं के ‘जस्टिस मोर्चा’ की साइकिल यात्रा शनिवार को वाराणसी पहुंची. कचहरी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा से यात्रा को आगे के लिए रवाना किया गया, जिसके बाद यह शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और बीएचयू गेट पहुंची.
कचहरी में जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से यात्रा में शामिल युवाओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया. कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के अधिकारों से जुड़े इस अभियान को अपना समर्थन दिया.
शिक्षा और रोजगार पर जोर
जस्टिस मोर्चा का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के बीच शिक्षा, रोजगार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को उठाना है. अभियान में स्थानीय समस्याओं को भी शामिल करते हुए सरकार से इन मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है.
मोर्चे के प्रतिनिधियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश का युवा शिक्षा व्यवस्था की स्थिति और लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से निराश है. प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और भर्तियों में देरी को लेकर युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है.
भर्तियों में देरी पर सवाल
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी वरुण चौधरी ने कहा कि यह केवल युवाओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के भविष्य से जुड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा समय में युवा अपने अधिकार और सम्मान के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर हैं.
वरुण चौधरी ने कहा कि जस्टिस मोर्चा के साथी साइकिल यात्रा के माध्यम से समाज के बीच संवाद खड़ा कर रहे हैं, जो सराहनीय है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं की इस न्यायपूर्ण लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है.
रिक्त पद भरने की मांग
वरुण चौधरी ने सरकार से विभागों में खाली पड़े पदों को तत्काल भरने और रुकी हुई भर्तियों को पूरा करने की मांग की. उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य होना चाहिए.



