जमुई। जिले में मंगलवार को एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा देखने को मिला। मलयपुर थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध पत्नेश्वर नाथ शिव मंदिर में एक प्रेमी जोड़ा सात फेरे लेने की तैयारी कर रहा था, लेकिन एन वक्त पर लड़की के परिजनों ने धावा बोल दिया। घरवालों को देखते ही दूल्हा अपनी होने वाली पत्नी को मंडप में ही छोड़कर फरार हो गया।

​कोचिंग से शुरू हुई थी 4 साल की लव स्टोरी

​यह कहानी साल 2024 में शुरू हुई थी, जब पटना के रहने वाले रोहित कुमार (18) और उसकी प्रेमिका 11वीं कक्षा में एक ही कोचिंग में पढ़ते थे। शुरुआती मुलाकातों और किताबों के बहाने शुरू हुई यह बातचीत फेसबुक चैटिंग से होते हुए फोन कॉल्स तक पहुंच गई। करीब चार साल तक चले इस अफेयर के बाद दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा ली थीं। रोहित फिलहाल स्नातक (B.A. Part-2) का छात्र है, जबकि युवती ने 12वीं की पढ़ाई पूरी की है।

​जातीय दीवार और घरवालों का टॉर्चर

​लड़की के अनुसार, फरवरी 2026 में उनके प्रेम संबंधों की भनक परिजनों को लग गई थी। जाति अलग होने के कारण परिवार इस शादी के सख्त खिलाफ था। युवती का आरोप है कि उसे घर में शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जब हालात बेकाबू हो गए, तो उसने रोहित के साथ भागने का फैसला किया। जैसे ही लड़की घर से निकली, परिजनों ने पुलिस में शिकायत (FIR) दर्ज करा दी।

​वाराणसी से जमुई तक का सफर और नाटकीय अंत

​शादी के इरादे से दोनों घर से भागकर पहले दोस्त के घर और फिर वाराणसी गए। अंततः उन्होंने जमुई के मंदिर में विवाह करने का निर्णय लिया। मंगलवार शाम 5 बजे जब पंडित मंत्रोच्चार कर रहे थे, तभी लड़की के परिवार के लोग अचानक वहां पहुंच गए। अपनी जान खतरे में देख दूल्हा रोहित अपना गमछा तक वहीं छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गया।

​घसीटकर ले गए परिजन, पुलिस की नजर

​सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती के परिजन उसे मंडप से जबरन घसीटते हुए सीढ़ियों से नीचे ले जा रहे हैं। युवती के विरोध करने पर परिजनों ने उसे धूमधाम से शादी करने का दिलासा देकर शांत कराया। मामले पर मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सौरभ ने बताया कि फिलहाल कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन शिकायत मिलने पर कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।