कुंदन कुमार, पटना। शहर के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े जन सुराज के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ (STF) द्वारा की जा रही लगातार एकतरफा गिरफ्तारियों ने सूबे की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी में अपने परिजनों से मिलने आए या निजी कार्यों में व्यस्त कार्यकर्ताओं को अचानक निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पुलिसिया कार्रवाई की पारदर्शिता और निष्पक्षता संदिग्ध प्रतीत होती है।

किन-किन कार्यकर्ताओं को बनाया गया निशाना?
प्रशासनिक दमन का शिकार हुए इन प्रमुख कार्यकर्ताओं को अलग-अलग थानों और एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिया गया है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- प्रत्यूष पूर्व और मोतिहारी निवासी अभय शर्मा को जक्कनपुर थाने की पुलिस द्वारा पकड़ा गया है।
- खगड़िया के रहने वाले वरुण कुमार को पीरबहोर थाने की हिरासत में रखा गया है।
- इसके अतिरिक्त विकास सिंह, अमीर इम्तियाज़, मनीष झा और सुदर्शन मिश्रा को बेहद नाटकीय ढंग से एसटीएफ (STF) द्वारा उठाए जाने के मामले सामने आए हैं।
संज्ञान और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता
इस प्रकार की चुनिंदा और मनमानी कार्रवाई से कार्यकर्ताओं के परिवारों और समर्थकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बिना किसी ठोस और पारदर्शी कानूनी आधार के नागरिकों को इस तरह उठाना सीधे तौर पर उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।
मान्यवर से आग्रह है कि इस गंभीर प्रकरण का तुरंत संज्ञान लिया जाए। इन मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके और न्याय बहाल किया जा सके।


