जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मारपीट के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की अदालत से अंतरिम राहत मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने भारद्वाज को तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी है। अदालत के आदेश के बाद वह गुरुवार देर रात तिहाड़ जेल से बाहर आ गया।

₹50 हजार के जमानत बांड पर रिहाई

अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को 50 हजार रुपये के जमानत बांड और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत के दौरान उसके आचरण पर नजर रखी जाएगी। इसी आधार पर आगे नियमित जमानत की याचिका पर विचार किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर केस से जुड़ी चर्चा पर रोक

अंतरिम जमानत के साथ अदालत ने कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं। भारद्वाज को मामले से संबंधित किसी भी जानकारी, अपनी बचाव रणनीति या शिकायतकर्ता के परिवार के बारे में सोशल मीडिया अथवा अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट या चर्चा करने से रोक दिया गया है।

इसके अलावा अदालत ने उन्हें शिकायतकर्ता, उसकी बेटी और मामले से जुड़े गवाहों से संपर्क नहीं करने का निर्देश दिया है। भारद्वाज को किसी भी साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ न करने की भी हिदायत दी गई है।

वीडियो इंटरव्यू के बाद मामला सुर्खियों में आया

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी सितंबर की शुरुआत में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में हुई थी।

मामले ने तब अधिक तूल पकड़ा, जब सामने आए एक वीडियो इंटरव्यू में भारद्वाज ने कथित तौर पर छात्र कार्यकर्ता के पिता के सिर पर हमला करने और उन्हें घायल करने का दावा किया। उन्होंने राजनीतिक संपर्कों के चलते गिरफ्तारी से बचने की बात भी कही थी। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर सार्वजनिक चर्चा तेज हो गई।

6 अक्टूबर को अगली सुनवाई

दिल्ली की अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को तय की है। इस दौरान अंतरिम जमानत की अवधि के साथ अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के अनुपालन पर भी विचार किया जाएगा।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m