रोहित कश्यप, मुंगेली। नगर पंचायत जरहागांव में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) शुभम बक्तानी की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पहले अटल व्यावसायिक परिसर के व्यापारियों ने उनके खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया, वहीं अब नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों ने भी सर्वसम्मति से उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया है। आज जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सीएमओ को तत्काल हटाने, निष्पक्ष जांच कराने और जांच अवधि के दौरान निलंबित करने की मांग की है।

अटल व्यावसायिक परिसर की कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
पूरा मामला नगर पंचायत जरहागांव के अटल व्यावसायिक परिसर से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 5 जून 2026 को परिसर में हुई कार्रवाई के दौरान सीएमओ शुभम बक्तानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों और दुकानदारों में नाराजगी बढ़ गई।
व्यापारियों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी में भय और दबाव का माहौल बनाया गया तथा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। व्यापारियों ने इस संबंध में लिखित और मौखिक शिकायत नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों को सौंपी थी।
जनप्रतिनिधियों को नहीं दी गई थी जानकारी
शिकायत मिलने के बाद जनप्रतिनिधियों ने मामले की जानकारी जुटाई। उनके अनुसार संबंधित कार्रवाई की पूर्व सूचना न तो नगर पंचायत अध्यक्ष को दी गई थी और न ही उपाध्यक्ष या किसी पार्षद को विश्वास में लिया गया था। इसी आधार पर नगर पंचायत परिषद ने सीएमओ की कार्यशैली पर गंभीर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि एकपक्षीय कार्रवाई से व्यापारियों और नागरिकों के बीच भय, असंतोष और अविश्वास का वातावरण बना है। परिषद का मानना है कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गरिमा प्रभावित हुई है और शासन-प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचा है।
मनमानी वसूली के प्रयास का भी आरोप
जनप्रतिनिधियों ने अपने प्रस्ताव में उल्लेख किया है कि व्यापारियों और नागरिकों की शिकायतों के अनुसार सीएमओ द्वारा पुलिस बल की मौजूदगी में दबाव बनाकर मनमाने तरीके से आर्थिक वसूली का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन परिषद ने इन्हें गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में नगर पंचायत की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि वर्तमान में कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की मांग
निंदा प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगर पंचायत में सीएमओ से वरिष्ठ लेखापाल मुकेश तिवारी कार्यरत हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नगर पंचायत के सुचारू संचालन और जनहित को देखते हुए सक्षम, निष्पक्ष और अनुभवी प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता है।
6 जून को व्यापारियों ने किया था प्रदर्शन
अटल व्यावसायिक परिसर में 5 जून को हुई कार्रवाई के विरोध में 6 जून को व्यापारियों ने नगर में धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उन्हें तत्काल हटाने की मांग उठाई गई।
व्यापारियों का आरोप था कि उनकी बात सुने बिना पुलिस बल के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
सात बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग

व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को कार्रवाई से रोकना, व्यापारियों को भयभीत करने और कथित वसूली के प्रयासों की जांच, नागरिकों और व्यापारियों के हितों की सुरक्षा, महत्वपूर्ण कार्रवाइयों से पहले जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेने की व्यवस्था, सीएमओ शुभम बक्तानी को तत्काल हटाने तथा नगर पंचायत में निष्पक्ष और जनहितैषी अधिकारी की पदस्थापना शामिल है।
जांच के लिए बनेगी समिति
मामले को लेकर अपर कलेक्टर जी.एल. यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की ओर से शिकायत एवं ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले को गंभीरता से लिया गया है। शिकायतों की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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