मोहाली। बैंक धोखाधड़ी के चर्चित मामले में आम आदमी पार्टी के अमरगढ़ से विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा ने आखिरकार सीबीआई की विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया। उनके साथ तीन अन्य आरोपियों ने भी कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत में पेशी के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों को जमानत दे दी गई। मामला बैंक ऑफ इंडिया के साथ करोड़ों की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। इसमें लंबे समय से जांच चल रही थी।
सरेंडर और – जमानत के बाद अब केस की अदालती कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है, जिससे – आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।करीब 40.02 करोड़ की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा अपने भाई बलवंत सिंह, कुलवंत सिंह और तेजिंदर सिंह के साथ सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए।
चारों ने कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण किया। यह मामला तारा कॉर्पोरेशन लिमिटेड के जरिए बैंक की क्रेडिट सुविधाओं के दुरुपयोग से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी के आधार पर बैंक से लोन लेकर उसे निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य जगह इस्तेमाल किया।

अदालत ने इन शर्तों पर दी जमानत
जमानत देते समय अदालत ने आरोपियों पर कुछ शर्तें भी लागू की हैं। उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा। जब भी बुलाया जाएगा, पेश होना पड़ेगा। बिना अदालत की अनुमति देश छोड़ने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द हो सकती है। अब इस मामले में ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी, जहां गवाहों के बयान और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।
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