अशोक कुमार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय). रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की मांग को लेकर सोमवार को मुगलसराय में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विभिन्न लोकतांत्रिक संगठनों ने संयुक्त रूप से विरोध मार्च निकाला. चकिया तिराहे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों ने सभा आयोजित कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा.
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सरकार पर कार्रवाई का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है. उन्होंने मांग की कि यदि विश्वविद्यालय के निर्माण या प्रबंधन को लेकर कोई विवाद है तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाए, लेकिन शिक्षण संस्थान को बंद या ध्वस्त न किया जाए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक विवाद का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
उत्तर प्रदेश किसान न्याय मोर्चा के उपाध्यक्ष शमीम अहमद मिल्की ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सभी समुदायों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का केंद्र है. यदि कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा साथ ही जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और सड़कों पर भी संघर्ष किया जाएगा.
सपा ने भी सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक या धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि यदि जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कोई कठोर कदम उठाया गया तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक विरोध दर्ज कराएगी.
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कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण यादव, पूर्व विधायक प्रत्याशी चंद्रशेखर यादव, जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, जिला महासचिव नफीस अहमद समेत कांग्रेस, सपा और अन्य संगठनों के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए. प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और अंत में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार से विश्वविद्यालय को सुरक्षित रखने की मांग की गई.


