रविंद्र कुमार, रायबरेली. उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है. उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए राहुल गांधी के कथित “कॉकरोचों को जीत की बधाई” वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को जंतर-मंतर पर हुई कथित घटनाओं पर भी अपनी राय स्पष्ट करनी चाहिए. इस पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है.
इसे भी पढ़ें- ‘राहुल गांधी आपके बड़के भैया हैं’… राजभर का अखिलेश पर बड़ा तंज, कांग्रेस को बताया ज्यादा दबंग
‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर साधा निशाना
दिनेश प्रताप सिंह ने अपनी फेसबुक पोस्ट में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए लिखा कि यदि वे कथित तौर पर “कॉकरोचों को जीत की बधाई” दे सकते हैं, तो उन्हें जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारों, सुरक्षाकर्मियों से बदसलूकी और अन्य आरोपित घटनाओं की भी सार्वजनिक निंदा करनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर चुप्पी कई तरह के सवाल खड़े करती है.
महिला सम्मान और छात्रों का भी किया जिक्र
भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में महिला सम्मान का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और सार्वजनिक जीवन में मर्यादित व्यवहार होना चाहिए. साथ ही छात्रों के भविष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदार लोगों को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए.
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और पेपर लीक के आरोप
दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है. हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
इसे भी पढ़ें- रामगढ़ताल में स्पीड बोट का कहर! युवक की मौत के बाद हरकत में आए CM योगी
सोशल मीडिया पोस्ट से गरमाई सियासत
दिनेश प्रताप सिंह की यह फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए नेताओं के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है.


