झज्जर: हरियाणा के झज्जर जिले के दुजाना गांव में 65 साल के बुजुर्ग विजय सैनी की सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद मामला पूरी तरह गरमा गया है। रोहतक पीजीआई (PGI Rohtak) में पोस्टमार्टम के वक्त उस समय तनाव बढ़ गया, जब मृतक के बेटे सुनील सैनी ने अपने पिता का शव लेने से साफ मना कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी संजय की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वे अंतिम संस्कार के लिए शव नहीं उठाएंगे।
पिताजी दो बार पुलिस कमिश्नर से मिले, फिर भी नहीं मिली सुरक्षा
मृतक के बेटे सुनील सैनी ने झज्जर पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सुनील ने बताया कि उनके पिता विजय सैनी को अपनी जान का पूरा खतरा था। वे अपनी सुरक्षा की गुहार लेकर खुद दो बार झज्जर पुलिस कमिश्नर (Jhajjar Police Commissioner) से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को लिखित में बताया था कि आरोपी संजय उन्हें जान से मार सकता है। इसके बावजूद पुलिस ने न तो बुजुर्ग की सुरक्षा बढ़ाई और न ही फरार आरोपी को दबोचा। पुलिस की इसी ढिलाई का खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ा है।
पत्नी की हत्या के मामले में भी फरार चल रहा था आरोपी
परिजनों ने बताया कि मुख्य संदेही संजय एक शातिर अपराधी है और वह अपनी पत्नी की हत्या (Wife Murder Case) के मामले में भी लंबे समय से फरार चल रहा था। इसके बाद भी लोकल पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही।
सुनील ने रोते हुए कहा कि उनके पिता की हत्या के बाद भी उनके परिवार को कोई सुरक्षा नहीं दी गई है। आज भी उन्हें और उनके मासूम बच्चों को जान का खतरा सता रहा है। पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
अनिल मर्डर केस के मुख्य गवाह थे विजय सैनी
दुजाना गांव (Dujana Village) में हुई इस वारदात के पीछे सालों पुरानी रंजिश और जमीनी विवाद (Land Dispute) की खूनी कहानी छिपी है। दरअसल, कुछ समय पहले विजय सैनी के बेटे अनिल की भी हत्या कर दी गई थी। इस अनिल हत्याकांड में बिरधाना निवासी संजय मुख्य आरोपी है। संजय नवंबर 2025 से कोर्ट से जमानत (Bail) पर बाहर घूम रहा था।
अपने बेटे अनिल मर्डर केस में विजय सैनी ही मुख्य गवाह (Primary Witness) थे। आरोपी संजय उन पर केस वापस लेने और गवाही न देने का दबाव बना रहा था। जब विजय सैनी नहीं झुके, तो शनिवार को खेत पर जाते समय अज्ञात हमलावरों ने उनकी गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी।
जब तक गिरफ्तारी नहीं, तब तक शव नहीं
फिलहाल, रोहतक पीजीआई में भारी पुलिस बल तैनात है। परिजन आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और परिवार को चौबीस घंटे सुरक्षा देने की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, झज्जर पुलिस (Jhajjar Police) का कहना है कि आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

