झज्जर में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मीडिया की एंट्री पर रोक लगाने से हंगामा मचा है। मंत्री राव नरबीर के इस फैसले को लोकतंत्र में पारदर्शिता के खिलाफ माना जा रहा है।

संजीत कबलाना, झज्जर। आमतौर पर जिला परिवेदना समिति की बैठकों में जनता की समस्याओं पर सार्वजनिक चर्चा होती है और निर्णय लिए जाते हैं, लेकिन गुरुवार को झज्जर में कुछ अलग ही दृश्य देखने को मिला। हरियाणा के उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। प्रभारी बनने के बाद मंत्री की यह पहली बैठक थी, जिसमें 16 शिकायतें रखी गईं और 10 का निपटारा किया गया। हालांकि, दिनभर चर्चा शिकायतों के समाधान की नहीं, बल्कि मीडिया को बाहर रखने के विवादास्पद फैसले की होती रही। इस कदम ने सचिवालय परिसर में मौजूद लोगों के बीच कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल

वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि झज्जर में पहले भी कई मंत्रियों ने ग्रीवेंस कमेटी संभाली, लेकिन मीडिया के प्रवेश पर कभी रोक नहीं लगाई गई। अन्य जिलों में भी मीडिया को जनसुनवाई कवर करने की पूर्ण स्वतंत्रता है ताकि जनता को पता चले कि उनकी समस्याओं पर क्या कार्रवाई हुई। सवाल यह है कि यदि बैठक का मकसद जनता की समस्याओं का समाधान करना था, तो उसे कैमरों से दूर रखने की जरूरत क्यों पड़ी? बैठक के बाद मंत्री ने केवल इतना कहा कि शिकायतें उन्हें सुननी और सुलझानी थीं, लेकिन यह तर्क लोगों को संतुष्ट नहीं कर सका। लोकतंत्र में मीडिया को पारदर्शिता का पैमाना माना जाता है, ऐसे में जनसुनवाई से उसकी अनुपस्थिति संदेह पैदा करती है।

निराश होकर लौटे कई फरियादी

सचिवालय में चर्चा गरम थी कि क्या मंत्री किसी तीखी बहस या विवादित स्थिति से बचना चाहते थे? हालांकि इसका कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं मिला है। वहीं, दूसरी ओर बैठक की व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग गए हैं। डीसी वर्षा खांगवाल ने मंत्री का स्वागत करते हुए जिला प्रशासन की सजगता का दावा किया, लेकिन हकीकत कुछ और थी। मंत्री से अपनी समस्याएं बताने की उम्मीद लेकर आए दर्जनों शिकायतकर्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी मुलाकात का मौका नहीं मिला। कई लोगों को तो अंदर प्रवेश तक नहीं दिया गया, जिससे वे निराश होकर खाली हाथ वापस लौट गए। जनसुनवाई में इस तरह की अव्यवस्था ने व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।