प्रतापपुर (चतरा)। भौराज नदी पर पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने की दिशा में बढ़ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग ने हुमाजांग पंचायत के भौराज गांव के समीप पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 12 लाख 97 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। प्रस्तावित पुल की लंबाई 68.48 मीटर होगी।

यह पुल मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में बनाया जाएगा। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद बरसात के दौरान आवागमन की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

68.48 मीटर लंबा होगा पुल

मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में भौराज नदी पर 68.48 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराया जाएगा। ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव मनोज कुमार ने 16 सितंबर 2026 को इससे संबंधित स्वीकृति आदेश जारी किया।

इस योजना की अनुशंसा चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने 10 जून 2026 को की थी। इसके बाद विभाग ने योजना के विस्तृत प्राक्कलन और तकनीकी पहलुओं की जांच कर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की।

बरसात में कट जाता था संपर्क

भौराज नदी पर पुल नहीं होने का सबसे ज्यादा असर बरसात के दिनों में देखने को मिलता था। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों के लिए आवागमन मुश्किल हो जाता था। कई वर्षों से ग्रामीण पुल निर्माण की मांग करते आ रहे थे।

अब पुल निर्माण की मंजूरी मिलने से भौराज समेत आसपास के गांवों के लोगों को सालभर बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पहुंच पथ और गुणवत्ता पर विशेष जोर

विभागीय आदेश में पुल निर्माण शुरू करने से पहले दोनों तरफ पहुंच पथ के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा निर्माण स्थल की जियो-टैग फोटोग्राफी कराने और निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन करने को कहा गया है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना पीएमजीएसवाई या किसी अन्य योजना के तहत पहले से संचालित कार्य का हिस्सा नहीं होगी।

वर्षों पुरानी मांग पर आगे बढ़ा काम

प्रशासनिक स्वीकृति के साथ ही अब वर्षों से पुल का इंतजार कर रहे ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। पुल बनने के बाद बरसात में आवागमन बाधित होने की समस्या कम होने के साथ क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की संभावना है।