Jharkhand Rajya Sabha Chunav: झारखंड में 2 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव के लिए आज नामाकंन करने का आखिरी दिन है। झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी जेएमएम (JMM) ने बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है। जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा पर फिर से भरोसा जताया है। बहुमत नहीं होने के कारण बीजेपी ने नाम की घोषणा नहीं की है। जबकि परिमल नाथवाणी (parimal nathwani) निदर्लीय मैदान में उतरे हैं। बीजेपी ने नाथवाणी को ही समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके बाद झारखंड राज्यसभा चुनाव में शह और मात का खेल शुरू हो गया है। नाथवानी की एंट्री से ‘हॉर्स ट्रेडिंंग’ (Horse Trading) की आशंका बढ़ने के बाद रिजॉर्ट पॉलिटिक्स (Resort Politics) शुरू हो गई है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सभी 16 विधायकों को तेलंगाना शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
बता दें कि 18 अगस्त को राज्यसभा के दोनों सीट चुनाव के लिए मतदान होगा। महागठबंधन की ओर से जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है।
परिमल नाथवाणी ने भी दावा किया है कि 10 लोग उनके प्रस्तावक होंगे। एनडीए के विधायक परिमल नाथवाणी को अपना समर्थन दे सकते हैं। हालांकि इसके बावजूद भी उन्हें 4 विधायक जुटाने होंगे। जेकेएलएम विधायक जयराम महतो का समर्थन उन्हें मिल सकता है। लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें 3 विधायक जुटाने होंगे। इसका मतलब हुआ कि क्रॉस वोटिंग का ही सहारा लेना होगा। अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो कांग्रेस के हाथ से सीट छिटक सकती है।2 बार के राज्यसभा सदस्य परिमल नाथवानी ने पर्चा भरने के बाद कहा कि वह राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुराना झारखंडी हूं, जीतूंगा ही। उनका यह भी कहना है कि आंकड़े की बात मैं नहीं करता हूं।
इधर राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी अपने सभी 16 विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में उन्हें तेलंगाना भेजने की तैयारी की जा रही है। सभी कांग्रेसी विधायक वोटिंग वाले दिन यानी 18 जून तक तेलंगाना के एक रिसॉर्ट में ही रहेंगे।
निर्दलीय का समर्थन करेंगेः बाबूलाल मरांडी
इधर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, हमारे NDA गठबंधन के पास 24 विधायक हैं। जीतने के लिए 28 चाहिए। हम सबने तय किया कि जब हमारे पास संख्या नहीं है तो हम निर्दलीय का समर्थन करेंगे। हमारे पास अगर पूरी संख्या होती तो दल पूरे विचार-मंथन के बाद किसी को प्रत्याशी बनाता। चूंकि हमारे पास संख्या नहीं है इसलिए हमने परिमल नाथवानी का समर्थन करने का तय किया।

झारखंड में क्या है विधानसभा का सियासी गणित
झारखंड में एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जो गणित के हिसाब से दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त हैं। इस सत्तारूढ़ गठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार और भाकपा (माले) लिबरेशन के दो सदस्य शामिल हैं। जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास केवल 24 विधायक हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 21 सदस्य और लोजपा (रामविलास), आजसू (AJSU) और जदयू (JDU) के एक-एक विधायक शामिल है।हालांकि परिमल नाथवानी की एंट्री के बाद कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को देखते हुए विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
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