रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है, लेकिन बारिश के साथ वज्रपात ने चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई, वहीं चांडिल और पश्चिमी सिंहभूम में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। खासकर 9 और 10 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
खेत में काम कर रही दो महिलाओं की मौत
चांडिल में खेत में धान की निकाई कर रहीं तीन महिलाएं अचानक वज्रपात की चपेट में आ गईं। हादसे में सोनमनी महतो और मुक्त महतो की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई।इधर, चक्रधरपुर प्रखंड के हथिया आदिवासी टोला में तालाब से घर लौट रहे 48 वर्षीय सुखलाल हेंब्रम की भी बिजली गिरने से मौत हो गई।
रांची में 61 MM बारिश
मौसम में बदलाव का असर सोमवार को कई जिलों में देखने को मिला। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की ओर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के झारखंड की तरफ लौटने और पश्चिमी हवाओं के कारण मानसूनी गतिविधियां बढ़ीं।इस दौरान रांची में 61 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सोमवार को राज्य में सर्वाधिक रही।
9 सितंबर को इन 10 जिलों में भारी बारिश
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार 8 से 11 सितंबर तक राज्य के लगभग सभी हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश की संभावना है।9 सितंबर को रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
10 सितंबर को 7 जिलों में अलर्ट
10 सितंबर को रांची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है।
वज्रपात के दौरान घर से निकलने से बचें
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बारिश और गरज-चमक के दौरान खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।



