० पुराने बस स्टैंडों को आधुनिक सुविधाओं से किया जाएगा लैस, जरूरत और यात्री संख्या के आधार पर मिलेगी मंजूरी

रांची। झारखंड में शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़ी पहल की है। विभाग ने राज्य के सभी शहरी निकायों से अपने-अपने क्षेत्र के बस स्टैंडों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण और नए इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के निर्माण के लिए विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्तावों की समीक्षा के बाद यात्री दबाव और आवश्यकता के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी दी जाएगी।

विभाग का उद्देश्य पुराने और जर्जर बस स्टैंडों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना तथा प्रमुख शहरों में अंतरराज्यीय बस सेवाओं के लिए बेहतर परिवहन ढांचा विकसित करना है। अधिकारियों के अनुसार राज्य के कई बस स्टैंड वर्षों पुराने हैं, जहां यात्रियों के लिए पर्याप्त प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, पार्किंग, डिजिटल सूचना प्रणाली और सुव्यवस्थित बस संचालन जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

रांची स्थित बिरसा मुंडा बस टर्मिनल (खादगढ़ा) राज्य का प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डा है, जहां से बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के लिए बसों का संचालन होता है। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए इसके विस्तार और आधुनिकीकरण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।

48 नगर निकायों से मांगे गए प्रस्ताव

राज्य के सभी 48 शहरी निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने बस स्टैंडों की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध भूमि, यात्री संख्या और भविष्य की जरूरतों का आकलन कर विस्तृत प्रस्ताव विभाग को भेजें। प्रस्तावों के परीक्षण के बाद चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं को लागू किया जाएगा।

नगर विकास विभाग का मानना है कि इस पहल से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बस संचालन अधिक व्यवस्थित होगा और झारखंड का शहरी परिवहन नेटवर्क नई मजबूती के साथ विकसित हो सकेगा।