जींद की स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने पुख्ता सबूतों के आधार पर घोघड़ियां निवासी जगदीप को दोषी ठहराते हुए यह सजा दी।
जींद। जिले में कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में फैसला सुनाया है। जहां फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश शिफा की अदालत ने इस गंभीर अपराध के लिए घोघड़ियां गांव के रहने वाले जगदीप को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायधीश ने दोषी पर 55 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के इस त्वरित और सख्त फैसले से समाज में अपराधियों के बीच एक कड़ा संदेश गया है।
बहला-फुसलाकर वारदात और परिवार को जान से मारने की धमकी
इस मामले की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी देते हुए जींद पुलिस के प्रवक्ता राजेश कुमार ने बताया कि उचाना थाना पुलिस को पीड़िता के पिता द्वारा एक लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गांव घोघड़ियां के निवासी जगदीप ने उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस घिनौने कृत्य के बाद पीड़िता और उसके पूरे परिवार को किसी को भी बताने पर जान से मारने की सीधी धमकी भी दी थी।
पुलिस की मजबूत चार्जशीट और पोक्सो कोर्ट की सख्त पैरवी
पीड़ित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उचाना थाना पुलिस ने 26 सितंबर 2024 को आरोपी जगदीप के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की थी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जांच टीम ने बेहद मुस्तैदी से काम करते हुए वैज्ञानिक और पुख्ता साक्ष्य जुटाए और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अदालत में सुनवाई के दौरान स्पेशल पीपी (पोक्सो केस) योगेन्द्र राठी की मजबूत पैरवी और पुलिस के ठोस गवाहों के आधार पर कोर्ट ने शनिवार को यह ऐतिहासिक सजा सुनाई।

