जींद के भुरायण गांव में शनिवार को बिजली लाइन ठीक करने के दौरान करंट लगने से 44 वर्षीय लाइनमैन बिजेंद्र की मौत हो गई। नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी होने पर गुस्साए परिजनों ने जींद-गोहाना मार्ग पर जाम लगा दिया।

जींद। जिले के अंतर्गत आने वाले गांव भुरायण स्थित खेतों में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां बिजली की लाइन को ठीक करते समय अचानक जबरदस्त करंट लगने से एक लाइनमैन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की अधिकारिक सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक कर्मचारी के शव को अपने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शव गृह (मर्चुरी) में सुरक्षित रखवा दिया। हालांकि, शनिवार शाम तक भी जब मृतक के शव के पोस्टमार्टम को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल के सामने मुख्य जींद-गोहाना मार्ग पर पूरी तरह जाम लगा दिया।

पोल से उतरते समय लगा करंट का झटका

मृतक के भाई और गांव खोखरी निवासी रणबीर ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उसका 44 वर्षीय भाई बिजेंद्र साल 2012 में बिजली निगम में लाइनमैन के पद पर भर्ती हुआ था। बिजेंद्र की ड्यूटी इस समय पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में चल रही थी। शनिवार को भुरायण गांव के खेतों में अचानक बिजली की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई थी, जिसे ठीक करने के लिए बिजेंद्र वहां गया हुआ था। उसने लाइन ठीक करने के लिए बिजली निगम से बकायदा ऑफिशियल परमिट भी ले रखा था। जब वह पोल पर बिजली की सप्लाई को दुरुस्त करके नीचे उतर रहा था, तभी अचानक पूरी लाइन में करंट आ गया और बिजेंद्र उसकी चपेट में आ गया। बिजली का झटका इतना तेज था कि उसने बिजेंद्र को पोल के ऊपर से सीधे नीचे जमीन पर फेंक दिया, जिसके बाद लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए।

रोड जाम की सूचना मिलते ही दौड़ी पुलिस

इस सनसनीखेज हादसे के बाद पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस और सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई। मृतक बिजेंद्र अपने पीछे दो बेटों का परिवार छोड़ गया है। परिजनों ने पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों से शव का पोस्टमार्टम जल्द से जल्द करवाने की गुहार लगाई थी, ताकि समय पर दाह संस्कार किया जा सके, लेकिन इसमें लगातार देरी होती रही। परिजनों का कहना था कि हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार घर में बिना शव के दाह संस्कार के चूल्हा तक नहीं जलता है, इसलिए मानवता के नाते पोस्टमार्टम तुरंत होना चाहिए था। जाम की गंभीर सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराया और स्वास्थ्य अधिकारियों से वार्ता की, जिसके बाद चिकित्सक ने अस्पताल पहुंचकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।