पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। मांझी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि राज्य में हो रहे कई आपराधिक मामलों में राजद कार्यकर्ताओं की संलिप्तता सामने आती है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राजद को अपने कार्यकर्ताओं को अविलंब सुधारना चाहिए अन्यथा वे सख्त कार्रवाई के दायरे में आएंगे और परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

​तेजस्वी को कानून-व्यवस्था पर बोलने का हक नहीं

​तेजस्वी यादव के हमलों पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मांझी ने तर्क दिया कि बिहार में छिटपुट घटनाएं जरूर हो रही हैं लेकिन राज्य सरकार हर मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब वह दौर नहीं रहा जब अपराधी बेखौफ होकर सीधे मुख्यमंत्री आवास (1 अणे मार्ग) तक पहुंच जाते थे।

​अपराधियों में एनकाउंटर का खौफ

​राज्य की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए मांझी ने कहा कि अपराधियों में अब कानून का डर व्याप्त है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ लंगड़ा एनकाउंटर जैसी सख्त कार्रवाई कर रही है जिसके चलते अपराधी या तो अपराध छोड़कर राज्य से भाग रहे हैं या उन्हें पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा मैं मुसहर समाज से आता हूं हम मर जाएंगे लेकिन अपराधियों को बख्शेंगे नहीं। जो चोरी या अपराध करेगा वह मारा जाएगा।

​NCRB रिपोर्ट का हवाला और सख्त निर्देश

​जीतन राम मांझी ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि जेलों में बंद लोगों के आंकड़ों से स्पष्ट है कि कौन सा वर्ग अपराध में ज्यादा शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का रुख बिल्कुल साफ है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों का हवाला देते हुए मांझी ने दो टूक कहा कि अपराधियों के पास अब सिर्फ दो ही रास्ते हैं या तो वे अपराध करना छोड़ दें या फिर बिहार छोड़ दें। सरकार किसी भी सूरत में अपराधियों को संरक्षण नहीं देगी और कानून का राज स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तरह मांझी ने राजद पर अपराधियों को शह देने का आरोप लगाकर पूरे मामले को एक नई धार दे दी है।