31 जुलाई को पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से फिर होगी पूछताछ, श्वेता गुप्ता की प्रतिनियुक्ति को लेकर भी नए खुलासे
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। मामले की जांच कर रही CID ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए प्रारंभिक परीक्षा (PT) में सफल अभ्यर्थियों से उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी मांगी है। वहीं, आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से लगातार दूसरे दिन भी कई घंटों तक पूछताछ की गई। उन्हें अब 31 जुलाई को दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
सफल अभ्यर्थियों से मांगी गई OMR शीट
CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से पेपर-1 और पेपर-2 की OMR शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की अपील की है। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि वे OMR शीट का PDF या स्पष्ट फोटो व्हाट्सएप नंबर 9934309058 अथवा ईमेल [email protected] पर भेजें। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों का रिकॉर्ड से मिलान कर परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की जांच करेगी।
एल. खियांग्ते से फिर होगी पूछताछ
बुधवार को CID मुख्यालय में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से परीक्षा संचालन, चयन प्रक्रिया और भर्ती से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ की गई। जांच अधिकारी दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य आरोपियों के बयानों का मिलान कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं। पूछताछ के बाद उन्हें जाने की अनुमति दी गई, लेकिन 31 जुलाई को फिर से उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है।
श्वेता गुप्ता की प्रतिनियुक्ति पर नया खुलासा
जांच के दौरान JPSC की अवर सचिव सह उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की प्रतिनियुक्ति को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। वर्ष 2023 में JPSC में पदस्थ हुईं श्वेता गुप्ता और उप सचिव सरोजनी एनी तिर्की का मई 2026 में क्रमशः खाद्य आपूर्ति विभाग और परियोजना निदेशक, लातेहार के पद पर तबादला हुआ था। हालांकि दोनों अधिकारियों ने समय पर नए पद पर योगदान नहीं दिया।
कार्मिक विभाग की चेतावनी के बाद किया योगदान
कार्मिक विभाग ने 29 जून 2026 को दोनों अधिकारियों को पत्र जारी कर तत्काल योगदान नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने 8-9 जुलाई को अपने स्थानांतरित पदों पर योगदान दिया, लेकिन JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के अनुरोध पर उन्हें 15 दिनों के लिए फिर से आयोग में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया।
प्रतिनियुक्ति अवधि के दौरान हुई CID की कार्रवाई
दोनों अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति 24 जुलाई तक निर्धारित थी, लेकिन उससे पहले ही 21 जुलाई को CID ने JPSC कार्यालय में छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान श्वेता गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसी प्रतिनियुक्ति, परीक्षा संचालन और चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।


