2-3 अगस्त से भूख हड़ताल की चेतावनी, सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य में छात्र आंदोलन और तेज होने की संभावना है। इसे देखते हुए झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी उपायुक्तों (DC), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP), पुलिस अधीक्षकों (SP) और रेल पुलिस समेत संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट जारी करते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

28 जुलाई को जारी हुआ अलर्ट

स्पेशल ब्रांच ने 28 जुलाई 2026 को जारी अपने पत्र में कहा है कि विभिन्न छात्र और राजनीतिक संगठन आने वाले दिनों में पदयात्रा, धरना, सत्याग्रह, भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

25 जुलाई से जारी है अनिश्चितकालीन सत्याग्रह

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, 25 जुलाई से लालपुर थाना क्षेत्र स्थित मोरहाबादी मैदान के बापू वाटिका के सामने झारखंड लोक सेवा आयोग एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले छात्र नेता दीनबंधु महतो और जेएलकेएम के देवेंद्र महतो के नेतृत्व में 50 से 60 अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हैं। आंदोलनकारी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, समयबद्ध नियुक्ति और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।

पदयात्रा के बाद अब भूख हड़ताल की तैयारी

29 जुलाई को आंदोलनकारियों ने बापू वाटिका से परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक तक पदयात्रा निकाली। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना का वाचन और राष्ट्रगान भी किया गया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो 2 और 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

6 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान

स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून सत्र के दौरान 6 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव की तैयारी कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से सैकड़ों अभ्यर्थियों के रांची पहुंचने की संभावना जताई गई है।

निजी संस्थानों के समर्थन की भी सूचना

खुफिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आंदोलन को कई निजी शिक्षण संस्थानों का समर्थन मिल सकता है। सड़क और रेल मार्ग से बड़ी संख्या में छात्रों के रांची पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

स्पेशल ब्रांच ने सभी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से कहा है कि प्रस्तावित आंदोलनों को देखते हुए लगातार निगरानी रखें, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करें और किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें।