रांची। JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। 13 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो इस समय रांची सदर अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल से जारी संदेश में उन्होंने आंदोलन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और छात्रों से एकजुट रहने की अपील की।

‘आंदोलन की दिशा बदलने की कोशिश’

देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि जुलाई से जिस आंदोलन को छात्रों के साथ मिलकर आगे बढ़ाया जा रहा है, अब उसे दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दबाव में सरकार ने जांच समिति बनाई है और छात्रों की मांगों को लेकर सकारात्मक बातचीत के संकेत मिले हैं, लेकिन अभी पूरी तरह न्याय नहीं मिला है।

उन्होंने दावा किया कि आंदोलन शुरू होने के करीब एक महीने बाद कुछ लोग इसे खत्म कराने की कोशिश कर रहे हैं। देवेंद्र ने कहा कि उचित समय आने पर वह इस संबंध में पूरी जानकारी सार्वजनिक करेंगे।

‘अस्पताल में हूं, लेकिन आत्मा आंदोलन स्थल पर’

सदर अस्पताल में इलाज करा रहे देवेंद्र ने कहा कि शरीर अस्पताल में है, लेकिन उनकी आत्मा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे सत्याग्रह स्थल पर है। आंदोलन से दूर रहने को उन्होंने मानसिक रूप से बेहद पीड़ादायक बताया।

उन्होंने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

छात्रों से एकजुट रहने की अपील

देवेंद्र नाथ महतो ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में आंदोलन को कमजोर न होने दें। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उनके साथ जो भी हो, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण झारखंड की भर्ती व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता है।

उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं को छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि नियुक्ति परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

‘सत्ता आती-जाती है, लोकतंत्र रहना चाहिए’

अपने संदेश के अंत में देवेंद्र ने सरकार से लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन लोकतंत्र और संस्थाओं की विश्वसनीयता बनी रहनी चाहिए।उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने और आंदोलन की एकता बनाए रखने का आह्वान किया।