मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान पुलिस ने लिया हिरासत में, BJP बोली- छात्रों पर एक भी लाठी चली तो सड़कों पर उतरेगा कार्यकर्ता

रांची। JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में सोमवार को सियासी और छात्र आंदोलन दोनों तेज हो गए। विधानसभा घेराव के बीच मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत बीजेपी के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बीजेपी नेता JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर BJP ने दी चेतावनी

इससे पहले बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार को चेतावनी दी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की मांगों को मानने की अपील करते हुए कहा कि विवादों में घिरी आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए और मामले की CBI जांच होनी चाहिए।

प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सांसद आदित्य साहू को नजरबंद किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण है और बीजेपी इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहती।

‘एक भी लाठी चली तो बीजेपी सड़कों पर उतरेगी’

बीजेपी प्रवक्ता ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन स्थल पर कंटीले तार, भारी पुलिस बल और RAF की तैनाती की गई है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों पर एक भी लाठी चलाई गई तो बीजेपी कार्यकर्ता उनके समर्थन में सड़कों पर उतरेंगे।

क्या हैं छात्रों की मांगें?

JPSC और JSSC अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में:

० JSSC-CGL परीक्षा तत्काल रद्द करना
० भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच
० पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार

वहीं, छात्रों और सरकार के बीच हुई वार्ता में इन प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद आंदोलन ने सोमवार को बड़ा रूप ले लिया। विधानसभा के आसपास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह तनाव की स्थिति भी बनी।