रांची। राज्य सरकार द्वारा JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब उन अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिनका चयन हो चुका था और वे अपने पदों पर काम भी कर रहे थे। नियुक्ति को लेकर स्पष्टता और न्याय की मांग करते हुए ऐसे अभ्यर्थियों ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
JSSC-CGL परीक्षा पास कर नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थी बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट भवन पहुंचे और सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन गलत लोगों की वजह से सभी चयनित अभ्यर्थियों को सजा नहीं मिलनी चाहिए।
‘हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं’
धरना दे रहे एक अभ्यर्थी ने कहा कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “आप जांच कीजिए, जो गलत है उस पर कार्रवाई कीजिए, लेकिन कुछ लोगों के लिए हमारे साथ अन्याय मत कीजिए।”
प्रदर्शनकारी ने आगे कहा कि वह अपने सभी दस्तावेज लेकर आया है और जरूरत पड़ने पर CBI जांच के लिए भी तैयार है। उसका कहना है कि सरकार को जो जांच करनी है, करे, लेकिन पहले से नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
अब सरकार से समाधान की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा पास करने के बाद चयन प्रक्रिया पूरी की, नियुक्ति पाई और अपने पदों पर काम भी शुरू कर दिया। ऐसे में परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी नियुक्तियों का क्या होगा, इसे लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अब नियुक्त अभ्यर्थियों के धरने के बीच सरकार के सामने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के साथ-साथ चयनित और कार्यरत अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर समाधान निकालने की चुनौती भी सामने आ गई है।


