रांची। JSSC CGL-2023 से जुड़े विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने नियुक्त अधिकारियों के पक्ष में अहम अंतरिम आदेश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने विभिन्न विभागों में नियुक्त 99 अधिकारियों को हटाने से संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह मामला JSSC CGL प्रतियोगिता परीक्षा संख्या-10/2023 से जुड़ा है। नियुक्त अधिकारियों ने सरकार की ओर से परीक्षा का विज्ञापन रद्द किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
नियुक्ति के बाद रद्द किया गया विज्ञापन
याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व महाधिवक्ता सह वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता श्रेय मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि JSSC की अनुशंसा के आधार पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और वे संबंधित विभागों में नौकरी कर रहे हैं।
याचिका में कहा गया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने और अधिकारियों के कार्यरत होने के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त को JSSC CGL-2023 का विज्ञापन रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी। इसी फैसले को चुनौती दी गई है।
150 अधिकारियों ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
इस मामले में आकाश गौरव समेत करीब 150 अधिकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने सरकार की अधिसूचना को अवैध बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने फिलहाल नियुक्त 99 अधिकारियों को हटाने से संबंधित अधिसूचना पर रोक लगाकर उन्हें अंतरिम राहत दी है।
सरकार को देना होगा जवाब
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है।
इसी तरह के एक अन्य मामले में भी हाईकोर्ट पहले राज्य सरकार की संबंधित अधिसूचना पर रोक लगा चुका है। अब 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में सरकार का पक्ष सामने आने के बाद मामले की आगे की तस्वीर साफ होगी।



