प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में जमीन के पैसों के विवाद को लेकर असम में तैनात एक आर्मी के जवान पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। छुट्टी पर घर आए जवान शत्रुध्न यादव ने बमुश्किल अपनी जान बचाई और फिलहाल लखनऊ मिलिट्री हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जमीन के पैसों के लेन-देन को लेकर बुलाया गया था घर
असम में सेवारत आर्मी जवान शत्रुध्न यादव कुछ समय पहले छुट्टी लेकर अपने पैतृक घर आए थे। उनका जमीन के 16 लाख रुपये का बकाया भुगतान बाकी था। इसी सिलसिले में आरोपी बीरेंद्र यादव, दीपक यादव और बृजेश यादव ने उन्हें अपने घर पर पैसे देने के बहाने बुलाया था। जब जवान वहां पहुंचा, तो साजिश के तहत उन पर पेट्रोल उड़ेलकर आग के हवाले करने की कोशिश की गई। जवान ने अपनी सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए मौके से भागकर अपनी जान बचाई, वरना एक बड़ी अनहोनी हो जाती।
पुलिस की शुरुआती लापरवाही और एसपी का सख्त दखल
यह खौफनाक घटना 9 सितंबर 2026 की है। वारदात के तुरंत बाद परिजनों ने रामगढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें 5 नामजद और 4 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) हुई। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने संवेदनहीनता दिखाते हुए पकड़े गए तीन आरोपियों को थाने से ही छोड़ दिया था। न्याय की गुहार लगाने के लिए पीड़ित जवान की पत्नी गांव के दर्जनों लोगों के साथ कैमूर एसपी शिखर चौधरी के दरबार में पहुंची। एसपी के कड़े रुख और आदेश के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
घटना के संबंध में पीड़ित परिवार के सदस्यों पत्नी, भाई और पिता ने बताया कि यदि शत्रुध्न अपनी जान बचाकर वहां से भागते नहीं, तो आरोपी उन्हें जलाकर मार डालते। परिवार ने सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कैमूर के एसपी शिखर चौधरी ने मीडिया को जानकारी दी है कि मामला पूरी तरह संज्ञान में है, मुख्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि कानून के शिकंजे से कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा।



