सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी से पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जब सादे लिबास में अवैध वसूली कर रहे दो पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने नकली समझकर पीट दिया। मामला मोतिहारी के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मजुरहा गांव का है, जहां खाकी की साख पर बट्टा लगाने वाली इस घटना ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
मजुरहा गांव में अवैध वसूली का खेल और ग्रामीणों का आक्रोश
मजुरहा गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब ग्रामीणों की नजर दो युवकों पर पड़ी जो बिना वर्दी और सादे लिबास में लोगों से धड़ल्ले से पैसे वसूल रहे थे। ग्रामीण पहले से ही क्षेत्र में सक्रिय फर्जी पुलिस द्वारा की जाने वाली उगाही से परेशान थे। जब इन दोनों युवकों को संदिग्ध हालात में वसूली करते देखा गया, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें नकली पुलिस समझ लिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने दोनों की जमकर धुनाई कर दी। पिटाई का यह दौर तब तक चलता रहा जब तक भीड़ को यह अहसास नहीं हुआ कि वे कोई और नहीं बल्कि महकमे के ही असली सिपाही हैं।

डायल 112 की टीम ने बचाई जान, सदर एसडीपीओ की सख्त कार्रवाई
गुस्से से बेकाबू भीड़ के चंगुल से दोनों पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए अंततः डायल 112 की टीम को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनकी जान बचाई। पकड़े गए आरोपियों में एक की पहचान रोहित कुमार के रूप में हुई है, जबकि दूसरा भी पुलिस विभाग का ही जवान है। इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार ने तुरंत कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रघुनाथपुर थाने में अवैध वसूली का मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उठाई उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। मजुरहा के वार्ड पार्षद पति राकेश सिंह समेत कई स्थानीय लोगों ने तीखा रोष व्यक्त करते हुए बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि सादे लिबास में पुलिस की गाड़ियों पर घूमकर अवैध वसूली करना एक बड़ा रैकेट बन गया है, जिससे आम जनता बुरी तरह ठगी जा रही है और प्रताड़ित हो रही है। ग्रामीणों ने इस पूरे नेक्सेस की गहन उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि खाकी की आड़ में आम नागरिकों का शोषण करने वाले असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।



