प्रमोद कुमार/भभुआ/कैमूर। जिले के भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत कूड़ासन गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान एक युवक को गोली मारे जाने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुरानी जमीनी रंजिश के चलते हुई इस खूनी वारदात में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना 9 जुलाई की शाम करीब 5:30 बजे की है, जब कूड़ासन गांव में क्रिकेट मैच चल रहा था। इसी दौरान घात लगाए बैठे हमलावरों ने पुनीत तिवारी नामक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से घायल पुनीत को आनन-फानन में भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी (हायर सेंटर) रेफर कर दिया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के निर्देशन में भभुआ एसडीपीओ ओम प्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और डीआईयू (DIU) की टीम ने तकनीकी अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी गुल्लू तिवारी उर्फ गोलू और राहुल तिवारी उर्फ मिथिलेश तिवारी को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से एक अवैध देशी कट्टा, एक पिस्टल और तीन खोखे बरामद किए हैं।
पुरानी रंजिश का निकला कनेक्शन
पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीनी विवाद है। एसडीपीओ ओम प्रकाश ने बताया कि विवाद की जड़ वर्ष 2024 की एक घटना है। उस समय घायल युवक पुनीत तिवारी ने ही गुल्लू तिवारी और उसके परिजनों पर फायरिंग की थी, जिसमें पुनीत के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए गुल्लू ने पुनीत को अपना निशाना बनाया।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है और मामले की गहनता से जांच जारी है।

