प्रमोद कुमार/कैमूर (भभुआ): जिले में कुदरत के कहर और मानवीय लापरवाही के संगम ने दो हंसते-खेलते परिवारों को सड़क पर ला दिया है। भभुआ थाना क्षेत्र के बेतरी गांव में कल शाम आई तेज आंधी के दौरान गेहूं के डंठल से उठी आग ने ऐसा तांडव मचाया कि दो घर देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। इस अगलगी में अनाज, नकदी और मवेशियों समेत लाखों की संपत्ति जलकर खाक हो गई।

​खेत की आग बनी काल, आंधी ने भड़काया तांडव

​मिली जानकारी के अनुसार, बेतरी गांव के किसान बेलास पाल ने अपने गेहूं के खेत में अवशेष (डंठल) जलाने के लिए आग लगाई थी। उसी समय अचानक तेज आंधी शुरू हो गई। आंधी की गति इतनी तीव्र थी कि खेत की चिंगारी उड़कर पास स्थित दो घरों पर जा गिरी। पलक झपकते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी आगोश में ले लिया।

​मुआवजे के 2 लाख और अरमानों की पूंजी स्वाहा

​पीड़ित परिवार की रजनी देवी और आरती देवी ने सिसकते हुए बताया कि वे बच्चों के साथ घर में ही थीं, तभी आग की लपटें घर में घुस गईं। जान बचाने की जद्दोजहद में वे घर का सामान नहीं निकाल सकीं। एनएच 219 के लिए मिली जमीन के मुआवजे के दो लाख रुपये, जो घर में रखे थे, वे भी जलकर राख हो गए। इसके अलावा सोना-चांदी, टीवी, फ्रिज, कपड़े और साल भर का अनाज सब बर्बाद हो गया।

​बेजुबान मवेशियों की मौत, बच्चों का भविष्य अधर में

​इस भीषण अग्निकांड में केवल सामान ही नहीं, बल्कि बेजुबान मवेशी भी आग की भेंट चढ़ गए। दो मवेशी बुरी तरह झुलस गए, जिनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई। घर में रखे दर्जनों बत्तख और कबूतर भी जिंदा जल गए। मासूम बच्ची प्रिया कुमारी और अन्य बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है; उनकी स्कूल की किताबें, बैग और यूनिफॉर्म जल जाने से उनकी पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है।

​प्रशासन से मुआवजे की गुहार

​घटना की सूचना मिलते ही बेतरी पंचायत के मुखिया श्रवण पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी। राम प्रकाश बिंद समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोपी किसान पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। फिलहाल, दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे दाने-दाने को मोहताज हैं और प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं।