राकेश कथूरिया, कैथल. जिले में आमजन, वाहन चालकों तथा पशु-पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधीश एवं डीसी अपराजिता ने चाइनीज मांझा, नायलॉन तथा किसी भी प्रकार के सिंथेटिक धागे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 30 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

जिलाधीश ने कहा कि जिला प्रशासन के संज्ञान में लगातार ऐसे मामले आ रहे थे, जिनमें पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज और सिंथेटिक मांझे का प्रयोग किया जा रहा है। इस घातक मांझे के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा पशु-पक्षियों के घायल होने तथा बिजली की तारों में मांझा फंसने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जनहित में यह निर्णय लिया गया है।

डीसी ने पुलिस अधीक्षक कैथल तथा सभी उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसी प्रकार नगर आयुक्त, कैथल को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दे कि वे शहर और नगर निकाय क्षेत्रों में कम से कम सप्ताह में एक बार पतंग या मांझा बेचने वाली दुकानों का औचक निरीक्षण करवाना सुनिश्चित करें और उक्त आदेशों के बारे में अवगत कराएं।

डीसी अपराजिता ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।