कैथल पुलिस ने कोरियर सर्विस के नाम पर होने वाले नए वित्तीय फ्रॉड को लेकर नागरिकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि ठग मात्र 5 से 10 रुपये की बकाया पेमेंट का फर्जी लिंक भेजकर लोगों के बैंक खातों से जमापूंजी उड़ा रहे हैं।
राकेश कथूरिया, कैथल। जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनप्रीत सिंह सूदन के कुशल मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिला पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ विभिन्न स्कूल और कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नए जमाने के डिजिटल अपराधों से बचने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। वर्तमान समय में तकनीकी का सहारा लेकर साइबर क्रिमिनल बिल्कुल नए पैंतरे अपनाकर आमजन को बेवकूफ बना रहे हैं और धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। इसी कड़ी में एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने जनता को आगाह करते हुए बताया कि आजकल बाजार में कोरियर डिलीवर करने के नाम पर बड़ी वित्तीय ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
फर्जी लिंक से नई यूपीआई आईडी
वित्तीय धोखाधड़ी के इस नए तरीका-ए-वारदात के बारे में विस्तार से बताते हुए पुलिस कप्तान ने कहा कि शातिर जालसाज सबसे पहले आपके पास कॉल या मैसेज करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपका कोई जरूरी पासपोर्ट या अन्य कीमती सामान का कोरियर आया हुआ है, जिसकी महज 5 या 10 रुपये की पेमेंट अभी बाकी है। इस छोटी सी बकाया राशि के भुगतान के लिए ठग पीड़ित के पास एक अज्ञात लिंक भेजते हैं। आम नागरिक सोचते हैं कि इतनी कम रकम देने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, साइबर ठग आपके बैंक खाते से जुड़ी एक नई यूपीआई (UPI) आईडी बना लेते हैं और आपकी पूरी मेहनत की गाढ़ी कमाई तुरंत हड़प लेते हैं।
हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें शिकायत
पुलिस प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्क एवं जागरूक रहकर इन ऑनलाइन ठगों का शिकार होने से बचें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर कभी भी क्लिक ना करें और न ही किसी से अपना ओटीपी (OTP), बैंक संबंधी जानकारी या कोई अन्य गोपनीय निजी विवरण साझा करें। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की वित्तीय या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। इसके अलावा पीड़ित अपने नजदीकी साइबर क्राइम थाने या संबंधित क्षेत्र के थाने में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क पर भी लिखित शिकायत दे सकता है।

