कैथल में रक्तदान शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने पीसी-पीएनडीटी एक्ट के प्रति जागरूकता फैलाई। अधिकारियों ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच की सूचना देने वाले को विभाग 1 लाख रुपये देगा।
राकेश कथूरिया, कैथल। स्वास्थ्य विभाग कैथल द्वारा “सेवा सद्भावना दिवस” के शुभ अवसर पर पीसी-पीएनडीटी एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अमर शहीद मदन लाल ढींगरा स्मारक, पार्क रोड, कैथल में श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति, जीओ गीता परिवार और पंजाबी वेलफेयर सभा द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने उपस्थित समाज सेवियों और नागरिकों को विभाग की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ कन्या भ्रूण हत्या रोकने हेतु कानून की बारीकियों से अवगत कराया।
भ्रूण लिंग जांच और कानूनी सजा के प्रावधान
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला के मार्गदर्शन और जिला नोडल अधिकारी (P.N.D.T.) डॉ. सचिन मांडले के नेतृत्व में टीम ने लोगों को बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग जांचना, पूछना या बताना पूरी तरह गैरकानूनी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाना, रिकॉर्ड का रखरखाव न करना और लिंग जांच संबंधी विज्ञापन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस कानून के उल्लंघन पर पहली बार में 3 साल की सजा व 10,000 रुपये जुर्माना, जबकि दोबारा अपराध करने पर 5 साल की सजा और 50,000 रुपये या उससे अधिक के जुर्माने का कड़ा प्रावधान है। साथ ही दोषी चिकित्सक का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
गोपनीय सूचना और प्रोत्साहन राशि का ऐलान
जिला नोडल अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने जानकारी दी कि अवैध भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है। विभाग द्वारा सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को 1,00,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों को “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का संदेश देते हुए समाज से कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराई को समाप्त करने की शपथ दिलाई गई। यदि किसी को भी अवैध लिंग जांच की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
अतिरिक्त सूचना एवं संपर्क विवरण
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे समाज में लिंगानुपात सुधारने के लिए प्रशासन का सहयोग करें। अवैध गतिविधियों की जानकारी देने के लिए नागरिक सीधे सिविल सर्जन कैथल (7015076400) या जिला नोडल अधिकारी P.N.D.T. (9416182915) पर सूचित कर सकते हैं। विभाग का लक्ष्य जिले में लिंगानुपात में सुधार लाना और कन्या भ्रूण हत्या को जड़ से समाप्त करना है, ताकि बेटियों को सुरक्षित जन्म और उज्ज्वल भविष्य मिल सके।

