राकेश कथूरिया, कैथल. जिले में लिंगानुपात में सुधार लाने, बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने तथा समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से डीसी अपराजिता द्वारा शुरू की गई अभिनव पहल प्यारी बेटी के तहत विशेष न्यूज लेटर प्रकाशित किया गया है। इसका विमोचन मंगलवार को डीसी अपराजिता ने किया।

इस अवसर पर डीसी ने कहा कि प्यारी बेटी केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का व्यापक अभियान है। इस अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर प्रतिभाशाली बेटियों को पहचान देकर उन्हें गांव की रोल मॉडल बनाया है, ताकि अन्य बेटियां भी उनसे प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ सकें। क्योंकि बेटियों के सम्मान, जागरूकता तथा सामुदायिक भागीदारी से समाज की सोच बदलेगी।

उन्होंने बताया कि इस विशेष न्यूज लेटर में जिले के 10 सर्वाधिक तथा 10 सबसे कम बाल लिंगानुपात वाले कुल 20 गांवों की बेटियों को स्थान दिया गया है। इन बेटियों ने अपने लेख, उपलब्धियां, अनुभव और अपनी रचनात्मक विचार साझा किए हैं। किसी ने शिक्षा और खेलों में अपनी सफलता की कहानी लिखी है, किसी ने पेंटिंग के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई है तो किसी ने पहलवानी पर कविता लिखकर अपनी सोच और हुनर को प्रस्तुत किया है।

डीसी अपराजिता ने कहा कि प्रकाशित न्यूज लेटर को मुख्यमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और विभिन्न स्तरों के अधिकारियों तक भी भेजा जाएगा, ताकि जिले की बेटियों की उपलब्धियां व्यापक स्तर पर पहुंच सकें। ये बेटियां अपने गांव की अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी और समाज में बेटियों के सम्मान का संदेश देंगी।

डीसी अपराजिता ने उपस्थित सरपंचों, अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बेटा-बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव न करें। बेटियों को शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं और उनकी प्रतिभा को अच्छा मंच प्रदान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या को घोर सामाजिक अपराध बताते हुए कहा कि यदि किसी को इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले तो वह बिना किसी डर के गुप्त रूप से प्रशासन को सूचना दे। दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। समाज की सोच बदलकर ही कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

डीसी ने सभी बेटियों को न्यूज लेटर वितरित करवाया। जिसमें अपने लेख देखकर बेटियों के चेहरे खिल उठे। सिविल सर्जन डा. रेणु चावाला ने बताया कि जिले का पिछला मासिक बाल लिंगानुपात 903 दर्ज किया गया था और उम्मीद है कि जुलाई माह के आंकड़ों में इसमें और सुधार देखने को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बेटियों को सम्मान और अवसर देकर ही समाज में वास्तविक समानता स्थापित की जा सकती है। गांवों के सरपंचों ने भी इस पहल का स्वागत किया। गांव मानस से कर्मबीर सिंह ने कहा कि यह काफी प्रेरणादायक है। वे इस न्यूजलेटर की प्रतियों को गांव में खेलने वाली बेटियों सहित सभी बेटियों को वितरित करवाएंगे। ताकि वे भी प्रेरणा पाकर आगे बढ़ सकें। इस पहल के लिए जिला प्रशासन के आभारी रहेंगे।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. रेणु चावाला, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी नसीब सिंह सैनी, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सपना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।