सतीश सिंह, काकोरी. काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के मौके पर लखनऊ के काकोरी स्थित स्मृति स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से लेकर मौजूदा राजनीति तक की तस्वीर दिखाई दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां काकोरी के क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला, वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से प्रेरणा लेने की अपील की. कार्यक्रम में काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े शहीद परिवारों की वर्तमान पीढ़ी को सम्मानित किया गया और उनके संघर्ष को समेटने वाली सम्मान बुकलेट का प्रकाशन भी किया गया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को काकोरी की धरती पर क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ी और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ क्रांतिकारियों की बड़ी चुनौती थी.
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‘क्रांतिकारियों को भुलाना युवा पीढ़ी के साथ अन्याय’
योगी ने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक देश में आजादी की लड़ाई की लंबी श्रृंखला चली. हजारों क्रांतिकारियों ने यातनाएं सहीं और अपना जीवन भारत माता के नाम कर दिया.मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहे लोगों ने अनेक क्रांतिकारियों को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे. उन्होंने कहा कि राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और चंद्रशेखर आजाद जैसे नायकों को युवा पीढ़ी से दूर रखने का प्रयास किया गया.
योगी ने कहा कि देश को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने की कोशिशें आज भी जारी हैं. सोशल मीडिया के जरिए भी ऐसी ताकतें सक्रिय हैं, जो समाज में विभाजन पैदा करना चाहती हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने क्रांतिकारियों के जीवन और संघर्ष को पढ़ें और उनसे राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लें.
कांग्रेस पर सीधे सवाल
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने चौरी-चौरा की घटना के बाद आंदोलन वापस लिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में क्रांतिकारियों के योगदान को पर्याप्त सम्मान नहीं मिला. योगी ने कहा कि जिन लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन लगा दिया, उनके योगदान को भुलाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद देश के क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने का काम तेज हुआ है. काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के आयोजन से लेकर शहीदों के स्मारकों के विकास तक सरकार काम कर रही है.
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शहीद परिवारों को सम्मान, स्मृतियों को सहेजने पर जोर
कार्यक्रम में काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े क्रांतिकारियों के परिवारों की वर्तमान पीढ़ी को सम्मानित किया गया. इसके साथ ही स्वतंत्र भारत में देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को भी सम्मान दिया गया. योगी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़ी बिखरी हुई सामग्री को एकत्र कर संरक्षित किया जाना चाहिए. उनके स्मारकों का सुंदरीकरण, मरम्मत और रंगाई-पुताई कर उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र बनाया जाना चाहिए. उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेने और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान का भाव मजबूत करने की अपील की.
आजादी थाली में सजाकर नहीं मिली- केशव मौर्य
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश को आजादी किसी ने थाली में सजाकर नहीं दी. इसके लिए हजारों लोगों ने संघर्ष किया और अपने प्राणों का बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि 9 अगस्त से 15 अगस्त तक तिरंगे को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने लोगों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और 15 अगस्त की शाम पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रध्वज उतारने की अपील की. मौर्य ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां भी तिरंगे के प्रति लोगों का उत्साह बढ़ा है. उन्होंने लोगों से देश की एकता और अखंडता के लिए काम करने का आह्वान किया.
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सुख में रहने वाले पुराना संघर्ष भूल जाते हैं- ब्रजेश पाठक
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ने पर जोर दिया. उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि उन्हें यह सीख लेकर जाना चाहिए कि देश की आजादी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली है. उन्होंने कहा कि जब लोग सुख में रहने लगते हैं तो अक्सर पुराने संघर्षों को भूल जाते हैं.पाठक ने कहा कि आजादी की लड़ाई जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर लड़ी गई थी. हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सहित सभी समुदायों के लोगों ने भारत माता की आजादी के लिए प्राणों की आहुति दी उन्होंने भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि कलाकारों ने स्वतंत्रता संग्राम और चंद्रशेखर आजाद के संघर्ष को जीवंत कर दिया. उनके मुताबिक ऐसे कार्यक्रमों के जरिए युवा पीढ़ी इतिहास को केवल किताबों में नहीं, बल्कि महसूस करके समझ सकती है.
ब्रजेश पाठक ने कहा कि युवाओं के लिए यह जानना जरूरी है कि देश को आजादी कैसे मिली और आजादी के बाद देश ने किन परिस्थितियों में आगे की यात्रा तय की. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को देश के विकास में भूमिका निभानी होगी. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग सबका साथ और लोहिया के विचारों की बात करते हैं, लेकिन उनके आचरण को भी जनता देख रही है. उन्होंने युवाओं से देश और प्रदेश को आगे ले जाने में योगदान देने की अपील की.
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आजादी का इतिहास अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी- जयवीर सिंह
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था. आज की पीढ़ी को यह समझना होगा कि आजादी कितने संघर्ष के बाद मिली. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन किसी एक जाति या धर्म का आंदोलन नहीं था. विभिन्न समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी. जयवीर सिंह ने भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों और युवाओं को इतिहास से जोड़ने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है.कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और लोगों से राष्ट्रवाद, एकता और तिरंगे के सम्मान की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया.


