अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली। जिले के डीडीयू नगर पड़ाव के वीआईपी गेट के सामने सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान काली मंदिर के ध्वस्तीकरण में गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर बलदेव यादव उर्फ झिंगुरी पहलवान की शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बलदेव अपने पीछे पत्नी विमला देवी, पुत्र गोविंद यादव तथा विवाहित पुत्री राधिका यादव को छोड़ गए हैं। उनका पुत्र गुजरात की एक निजी कंपनी में कार्यरत है। बलदेव पिछले करीब ढाई वर्षों से परियोजना में कार्य कर रहे थे और राष्ट्रीय स्तर के पहलवान के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके थे।
दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना पर सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने हादसे को संबंधित एजेंसियों की लापरवाही बताते हुए मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
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प्रबंधक ने जताया शोक
परियोजना प्रबंधक चंद्र प्रकाश सिंह ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी हर संभव सहयोग करेगी। उनके अनुसार ध्वस्तीकरण के समय बैरिकेडिंग की गई थी और बलदेव लोगों को सुरक्षित हटाने का कार्य कर रहे थे, तभी मलबे की चपेट में आ गए।
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परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास
वहीं एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि हादसे की जांच के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा पात्र योजनाओं के तहत परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

