देहरादून. उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है. अब तक 2 करोड़ से ज्यादा शिवभक्त सकुशल लौट चुके हैं. 1 दिन में 39 लाख कांवड़िएं जल लेकर वापसी कर चुके हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट है. व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने प्रशासन की सराहना की है.

बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धार्मिक यात्राओं की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त हैं. वे लगातार प्रदेश में हो रही विभिन्न धार्मिक यात्राओं की व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा भी कर रहे हैं. इसी कड़ी में सीएम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर रही है. इसी कड़ी में गुरुवार को आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में कर्णप्रयाग एवं सिमली पार्किंग परियोजनाओं की विस्तृत वित्तीय समिति (डीएफसी) की बैठक आयोजित हुई.

इसे भी पढ़ें : उत्तराखंड की 13 बेटियों के जज्बे को सलाम! CM धामी 8 अगस्त को देंगे ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’, जानें क्यों है खास

बैठक में दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के वित्तीय, तकनीकी और निर्माण संबंधी पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए. इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के साथ स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

आवास विभाग के सभागार में आयोजित बैठक में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण चमोली के अधिकारियों ने परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर जिलाधिकारी एवं सचिव जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी भी जुड़े. बैठक में परियोजनाओं के उद्देश्य, स्थल चयन, यातायात सर्वेक्षण, पार्किंग क्षमता, निर्माण लागत, डिजाइन और तकनीकी मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों ने बताया कि दोनों परियोजनाएं भविष्य में चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.