करनाल। इंटरनेशनल डे ऑफ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काइज यानी स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित महापौर एवं अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन में करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता ने सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छ वायु, पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
सम्मेलन में दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में वायु प्रदूषण की चुनौती, उसके नियंत्रण और स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव रहे मौजूद
राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की उपस्थिति प्रमुख रही। उनके साथ राजेश शर्मा, तन्मय कुमार, सुशील कुमार अवस्थी और अमनदीप गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सम्मेलन में सोनीपत के महापौर राजीव जैन ने भी सहभागिता की और विभिन्न मुद्दों पर आयोजित चर्चा में हिस्सा लिया।
‘स्वच्छ हवा सीधे स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा सवाल’
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ हवा केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी चुनौती का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय निकायों, प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
स्वच्छ वायु का संकल्प रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बने
महापौर ने कहा कि ‘स्वच्छ वायु, स्वस्थ जीवन’ का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब इसे केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन और कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए हर स्तर पर ठोस और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। इस दिशा में स्थानीय निकायों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि शहरों में पर्यावरण और स्वच्छता से जुड़े कई कार्य सीधे नगर निकायों के स्तर पर किए जाते हैं।
हरित क्षेत्र, धूल नियंत्रण और कचरा प्रबंधन पर जोर
रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि नगर निकाय अपने स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने, हरित क्षेत्र बढ़ाने, धूल नियंत्रण, कचरे के उचित निस्तारण और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता जैसे प्रयासों को और गति दे सकते हैं।
उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानने की अपील की। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने, खुले में कचरा नहीं जलाने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने का आह्वान किया।
‘प्रदूषणमुक्त पर्यावरण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी’
महापौर ने कहा कि स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त पर्यावरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और नागरिक एकजुट होकर छोटे-छोटे प्रयासों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, तो बड़े बदलाव की नींव रखी जा सकती है।

भूपेंद्र यादव ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर डाला प्रकाश
इससे पहले राष्ट्रीय मंच से सम्मेलन में शामिल प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी स्वच्छ वायु को लेकर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं और प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने स्वच्छ वायु के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
स्थानीय योजनाओं के साथ नागरिक सहभागिता मजबूत करने पर जोर
राष्ट्रीय सम्मेलन में महापौरों और विभिन्न नगर निकायों के अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े अनुभव और सुझाव साझा किए। इस दौरान वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया।
साथ ही नागरिक सहभागिता को मजबूत करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई। सम्मेलन में इस बात पर जोर रहा कि सरकार और स्थानीय निकायों के प्रयासों के साथ आम लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
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