० दो माह से जारी सियासी खींचतान का हुआ अंत, अब नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया होगी शुरू

करनाल । जिला परिषद की राजनीति में लंबे समय से जारी सियासी गतिरोध का आखिरकार गुरुवार को अंत हो गया। जिला परिषद अध्यक्ष प्रवेश कुमारी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया, जिसके बाद उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया।

उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा की अध्यक्षता में जिला परिषद कार्यालय में आयोजित विशेष बैठक में मतदान कराया गया। बैठक में कुल 25 में से 19 पार्षद उपस्थित रहे। इनमें 17 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करते हुए अध्यक्ष के खिलाफ अपना विश्वास वापस ले लिया, जबकि दो सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।


नए अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया होगी शुरू
प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरी मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परिणाम घोषित होते ही जिला परिषद की सत्ता में बड़ा बदलाव तय हो गया। अब नियमानुसार नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके लिए जल्द ही तिथि घोषित किए जाने की संभावना है।

गौरतलब है कि जिला परिषद में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पिछले दो महीनों से राजनीतिक हलचल तेज थी। 2 मार्च को भाजपा समर्थित उपाध्यक्ष और कई पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तत्कालीन उपायुक्त उत्तम सिंह को ज्ञापन सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव लाने और नए अध्यक्ष के चुनाव की मांग की थी।

हालांकि, प्रशासन ने पहले 17 अप्रैल को बैठक प्रस्तावित की थी, लेकिन वह नहीं हो सकी। नए उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा के कार्यभार संभालने के बाद गुरुवार को बैठक आयोजित की गई, जिसमें अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के साथ ही जिला परिषद की सियासत में नया मोड़ आ गया।