करनाल के पुलिस कॉन्फ्रेंस हॉल में महानिरीक्षक अशोक कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कानून व्यवस्था सुधारने और नशा मुक्ति अभियान तेज करने पर चर्चा हुई।
सुमन चौहान, करनाल। मंडल के पुलिस महानिरीक्षक अशोक कुमार (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय सेक्टर-12 के कॉन्फ्रेंस हॉल में अपराध, कानून एवं व्यवस्था तथा अन्य प्रशासनिक विषयों को लेकर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में करनाल के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया (भा.पु.से.) और सहायक पुलिस अधीक्षक दीपिका अग्रवाल (भा.पु.से.) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा उप पुलिस अधीक्षक राखी विश्वकर्मा, संदीप सिंह, राजीव कुमार, मनोज कुमार, गोरखपाल राणा, सोनू नरवाल तथा महावीर सिंह सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में Karnal Police Crime Review Meeting के तहत जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया।
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निर्देश
इस गोष्ठी के दौरान पुलिस महानिरीक्षक अशोक कुमार द्वारा संगठित अपराध, संपत्ति के विरुद्ध होने वाले अपराध, इमीग्रेशन फ्रॉड, साइबर क्राइम, हिंसात्मक वारदातों, सड़क दुर्घटनाओं तथा नशा मुक्त अभियान जैसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी पुलिस कप्तानों और चौकियों के प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाज में अशांति फैलाने वाले अपराधियों के विरुद्ध बेहद सख्त एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आईजी ने दो टूक शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके अवैध धंधों पर पूरी तरह नकेल कसी जाएगी।
नशा मुक्ति और साइबर जांच तेज
महानिरीक्षक ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से सड़कों पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने आम जनता की शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने गांवों एवं वार्डों को अधिक से अधिक संख्या में पूरी तरह नशा मुक्त बनाने हेतु विशेष अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की। साइबर क्राइम एवं इमीग्रेशन से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित आमजन को शीघ्र न्याय दिलाने के कड़े निर्देश जारी किए गए ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनी रहे।

