अनूप दुबे, कटनी। Madhya Pradesh कटनी जिले के ढीमरखेड़ा में बिना किसी जानकारी के पांच घंटे तक बिजली बंद कर दी गई। सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक अघोषित बिजली कटौती से 45 गांव प्रभावित हुए। वहीं ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि दूसरे क्षेत्र में मेंटेनेंस के लिए विभाग ने सूचना दी थी।
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा मुख्यालय के आसपास के तकरीबन 45 गांव में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली बंद थी। बिजली बंद होने से गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बिना सूचना बिजली बंद करने के कारण ग्रामीणों को पानी की भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र के आसपास मेंटेनेंस के लिए विभाग ने सूचना जारी की थी, लेकिन मुख्यालय में सुधार कार्य के लिए किसी तरह की सूचना नहीं दी गई।
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ग्रामीणों का आरोप है कि बिना सूचना के सुधार कार्य करने के कारण गर्मी के मौसम में परेशान होना पड़ा। ढीमरखेड़ा लाइनमैन संतराम पनिका ने बताया कि 33 केवी लाइन में सुधार कार्य चल रहा है, जिसको लेकर बिजली बंद है। दोपहर 1 बजे बिजली चालू होने की उम्मीद थी, लेकिन चालू नहीं हो पाई।
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उन्होंने बताया कि जल्द से जल्द बिजली चालू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में विद्युत विभाग के जेई दिलदार डाबर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि स्टाफ को सूचना जारी करने के लिए बोला गया था। सुधार कार्य तकरीबन पूरा हो गया है, जल्द ही विद्युत आपूर्ति चालू की जाएगी।

