अनूप दुबे, कटनी (ढीमरखेड़ा)। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर पूरे देश में धूम मची हुई है। लोग माता रानी की भक्ति में लीन हैं और तरह-तरह से माता को प्रसन्न करने की कोशिश धार्मिक क्रियाकलापों के अनुसार कर रहे हैं। लेकिन इस बार दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं जहां एक तरफ कुछ लोगों ने रावण दहन का विरोध किया वहीं दूसरी ओर एक शासकीय स्कूल में अतिथि शिक्षक ने बच्चों को तिलक लगाने से मना कर दिया जिसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश है।
पहला मामला
बता दें कि शारदीय नवरात्र दशहरा पर्व को लेकर भी देश में मशहूर है जिसमें रावण का पुतला दहन किया जाता है। लेकिन कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील से एक अनोखा मामला सामने आया है जिसमें दो संगठनों से जुड़े तकरीबन एक दर्जन लोगों ने गांव में रावण के पुतले दहन पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि संगठनों के लोग आरोप लगा रहे हैं कि रावण हमारे पूर्वज थे, उनका पुतला दहन ना किया जाए पुतला दहन होने पर बाद विवाद की चेतावनी भी दी गई है।
दूसरा मामला
इसी प्रकार ग्राम कटरिया के सरकारी स्कूल में पदस्थ अतिथि शिक्षक के द्वारा बच्चों को पूजा पाठ न करने और तिलक न लगाने के संबंध में बोला जा रहा है। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मामले की शिकायत ढीमरखेड़ा एसडीएम से की है। जनपद शिक्षा केंद्र पहुंचकर ग्राम वासियों के द्वारा बीआरसी प्रेम कोरी को भी लिखित शिकायत देकर शिक्षक की समस्या से अवगत करवाया, जिस पर बीआरसी ने जन शिक्षक मनोज गौतम को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि दोनों ही मामलों में अधिकारी जांच करके उचित कार्रवाई करें। एसडीएम निधि गोहल ने थाना प्रभारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं सूचना पर ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी भी गांव पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश दी। आपको बता दें कि नवरात्रि पर्व के दौरान गांव में हुई दो अलग अलग धार्मिक कार्यों के विपरीत घटना से गांव में आक्रोश है।
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