इटावा. इटावा में एक कार्यक्रम में पहुंचे कथावाचक और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार कौशल किशोर ठाकुर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव खुद को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताते हैं तो उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि की कानूनी लड़ाई में आगे आना चाहिए. ठाकुर ने अखिलेश को इस मुद्दे पर खुलकर अपना रुख रखने की चुनौती दी.

इसे भी पढ़ें- लोग त्रासदी से त्रस्त, BJP इवेंटबाजी में मस्त! 11 जिलों में बाढ़ से लोगों का बुरा हाल, रहने और खाने के लिए भी मोहताज, कांग्रेस ने बोला तीखा हमला

‘दम है तो कानूनी लड़ाई में आगे आएं’

कौशल किशोर ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कानूनी लड़ाई चल रही है. उन्होंने दावा किया कि इससे जुड़े मामले इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं. उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव वास्तव में श्रीकृष्ण के वंशज हैं तो उन्हें अदालत में चल रही लड़ाई में पक्षकारों के साथ खड़ा होना चाहिए. श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई उच्च अदालतों में जारी है.

‘गर्भगृह हिंदुओं को सौंपा जाए’

ठाकुर ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह को हिंदुओं को सौंपने की मांग दोहराई. उन्होंने दावा किया कि सर्वे होने पर मस्जिद के नीचे शिवालय समेत अन्य धार्मिक अवशेष मिलने की संभावना है.

अखिलेश के ‘कृष्ण वंशज’ होने पर तंज

कथावाचक ने अखिलेश यादव के खुद को कृष्ण वंशज बताए जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने उन्हें ‘तथाकथित वंशज’ बताते हुए कहा कि केवल भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेने से जन्मभूमि के मुद्दे पर समर्थन साबित नहीं होता. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख इस मामले में खुलकर बोलने से बचते हैं.

इसे भी पढ़ें- 29 में 80 की 80 सीटें… ‘INDI गठबंधन में कोई दरार नहीं’, अवधेश प्रसाद बोले- बैलेट पेपर से चुनाव हुआ तो सपा सभी सीटें जीतेगी

धर्म संसदों के राजनीतिकरण पर भी बोले

कौशल किशोर ठाकुर ने धर्म संसदों के बदलते स्वरूप पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि धर्म संसदों का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए. उनके मुताबिक, संतों को समाज को दिशा देने का काम करना चाहिए, न कि स्वयं राजनीति में उतरना चाहिए. उन्होंने सभी समाजों और संतों की सुरक्षा तथा सामाजिक सौहार्द पर जोर दिया.