Business Desk- Kaynes Technology Share : 14 मई का दिन इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, Kaynes Technology Ltd. के शेयरहोल्डर्स के लिए बेहद मुश्किल भरा साबित हुआ. शुरुआती ट्रेडिंग में ही, स्टॉक अपनी पिछली क्लोजिंग कीमत से 19.4 प्रतिशत तक गिर गया.

BSE पर, शेयर की कीमत 3,366 के निचले स्तर पर पहुँच गई। स्टॉक पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है, क्योंकि कंपनी का तिमाही प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया. इसके अलावा, ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने भी स्टॉक की रेटिंग घटा दी है.
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए, Kaynes Tech ने ऑपरेशंस से 1,243 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. एक साल पहले, यह आंकड़ा 984 करोड़ था. कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 22 प्रतिशत घटकर 91 करोड़ रह गया, जो मार्च 2025 तिमाही में 116 करोड़ था.
EBITDA 193 करोड़ रहा, जिसमें EBITDA मार्जिन 15.5 प्रतिशत था। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए Kaynes Tech का रेवेन्यू 33 प्रतिशत बढ़ा. मैनेजमेंट ने अनुमान लगाया था कि साल का अंत 51 प्रतिशत की ग्रोथ रेट के साथ होगा.
ऑर्डर बुक और कर्ज में कमी
वित्त वर्ष के अंत में Kaynes Tech की ऑर्डर बुक 8,366.3 करोड़ थी. पिछले वित्त वर्ष के अंत में यह आंकड़ा 6,596.9 करोड़ था. कंपनी का नेट कर्ज भी 581.3 करोड़ से घटकर 207.4 करोड़ हो गया है.
JPMorgan ने रेटिंग घटाई
ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने Kaynes Tech के शेयरों पर अपनी रेटिंग पिछली “Overweight” से घटाकर “Neutral” कर दी है. स्टॉक के लिए प्राइस टारगेट भी पहले के 6,000 प्रति शेयर से घटाकर 4,000 प्रति शेयर कर दिया गया है.
ब्रोकरेज ने अगले दो सालों के लिए कंपनी की कमाई के अनुमानों में 12% से 17% की कटौती की है. अपने नोट में, JPMorgan ने कहा कि OSAT और PCB बिजनेस में तेज़ी के चलते वित्त वर्ष 2026–2028 के दौरान रेवेन्यू में 40% की CAGR से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
हालांकि, यह स्टॉक तब तक “शो-मी” स्टॉक बना रहेगा, जब तक कि असल आंकड़ों और कंपनी के अनुमानों के बीच का अंतर कम नहीं हो जाता. CLSA ने इस स्टॉक को “Outperform” रेटिंग दी है. इसका प्राइस टारगेट 4,200 प्रति शेयर तय किया है.
फिलहाल 24 एनालिस्ट Kaynes Tech के शेयरों को कवर कर रहे हैं. इनमें से 14 ने “Buy” रेटिंग दी है, जबकि 6 ने इसे “Hold” और 4 ने “Sell” रेटिंग दी है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन फिलहाल 22,800 करोड़ है.

