नवोदित, कुरुक्षेत्र। सन्निहित सरोवर के तट पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) ने सख्त एक्शन लिया है। यहां अमावस्या से ठीक एक दिन पहले यानी चौदस पर पितरों के स्थान (भोरखे) को JCB की मदद से हटाया गया। सन्निहित सरोवर पर करीब 40 साल से भोरखे बने हुए थे।
KDB ने करीब 6 साल पहले भी सन्निहित सरोवर से भोरखे हटाने की कार्रवाई को अमल में लाया था। पिछले साल भी KDB ने भोरखे हटाने की कोशिश की थी, लेकिन विरोध के बाद KDB को पीछे हटना पड़ा था। हालांकि इसके बाद KDB ने यहां नोटिस बोर्ड लगाकर 31 मार्च 2025 से पहले भोरखे हटाने की चेतावनी दी थी।

अचानक हुई कार्रवाई
आज बुधवार को अचानक KDB के अधिकारी पूरे साजो-सामान के साथ सन्निहित सरोवर पर पहुंच गए। अधिकारियों ने एक मिनट की भी देरी ना करते हुए कार्रवाई शुरू करवा दी। प्रशासन ने JCB की सहायता से यहां बने कई सौ भोरखे उखाड़ दिए। किसी भी स्थिति से निटपने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

बगैर नोटिस कार्रवाई
उधर, भोरखे हटाए जाने की सूचना के बाद लोग इकट्ठा हो गए और विरोध जताने लगे। आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उनको कोई नोटिस नहीं दिया गया। अगर कोई नोटिस मिलता तो लोग खुद अपने भोरखे उठाकर कहीं और लेकर चले जाना था, लेकिन उनको मौका नहीं दिया गया।
ईंटें तक नहीं उठाने दी
अगर प्रशासन उनको कुछ समय की मोहलत देता, तो कम से कम उनको अपने भोरखों की ईंटें तो मिल जाती। JCB की कार्रवाई के बाद भोरखे बुरी तरह से तहस-नहस हो गए। कोई ईंट नहीं बची। इससे उनकी आस्था का ठेस पहुंची है। भोरखे हटाने से पहले प्रशासन को उनको दूसरी जगह पर भोरखे स्थापित करने की जगह देनी चाहिए थी।
मजबूरन करनी पड़ी कार्रवाई- पंकज सेतिया
KDB के सीईओ पंकज सेतिया ने बताया कि अखबार के जरिए सार्वजनिक सूचना पहले ही जारी कर दी गई थी। फिर भी लोगों ने कोई ध्यान नहीं दिया। करीब दो साल से लगातार लोगों को भोरखों को दूसरे स्थान पर स्थापित करने के लिए समझाया जा रहा था। कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन प्रशासन को ये कदम उठाना पड़ा।
