लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर की गई टिप्पणी का तीखा जवाब दिया है. उन्होंने साफ कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति में डूबी सपा को 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सैफई भेज देगी. शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए मौर्य ने सपा और अखिलेश यादव पर जोरदार निशाना साधा.

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अखिलेश की छटपटाहट उजागर, सपा बहादुर का मनोबल टूटा

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, “नेताजी की कमाई, सपा बहादुर ने गंवाई. यह सोलह आने सच है.” उन्होंने कहा कि इस हार और छटपटाहट ने अखिलेश यादव का मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया है. अब वे अपनी जुबान से अगड़ा, पिछड़ा और दलित किसी पर भी लाठी चला देते हैं. मौर्य के अनुसार, अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणियां उनकी राजनीतिक बेचैनी का सबूत हैं. सपा की लगातार चुनावी हारों के बाद पार्टी नेतृत्व में हताशा साफ नजर आ रही है.

जयंत चौधरी पर घटिया बयान, माफी की मांग

केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव से कहा कि केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर घटिया बयान देकर उन्होंने अपनी छटपटाहट को खुद उजागर कर दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह का सैफई परिवार पर इतना बड़ा कर्ज है कि सपा बहादुर उसे कभी चुका नहीं सकते. मौर्य ने अखिलेश यादव से तुरंत जयंत चौधरी से माफी मांगने की मांग की. उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह की विरासत और किसान हितों की राजनीति को सपा कभी समझ नहीं पाई.

अगड़ा-पिछड़ा-दलित की त्रिवेणी भाजपा के साथ

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अखिलेश यादव की असली छटपटाहट इसलिए भी है क्योंकि अगड़ा, पिछड़ा और दलित की ‘त्रिवेणी’ अब भाजपा के साथ खड़ी है. जातिवाद की पुरानी राजनीति अब उत्तर प्रदेश में काम नहीं कर रही. भाजपा ने सभी वर्गों को जोड़ने वाली राजनीति को मजबूत किया है, जबकि सपा अभी भी मुस्लिम तुष्टीकरण और जातिगत समीकरणों में उलझी हुई है. मौर्य ने दावा किया कि यह बदलाव 2027 के चुनाव में और साफ नजर आएगा.

2027 में सपा का बोरिया-बिस्तर समेटेगी जनता

केशव प्रसाद मौर्य ने आखिर में कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि उत्तर प्रदेश की जनता जातिवाद और मुस्लिम तुष्टीकरण में डूबी सपा का बोरिया-बिस्तर समेटकर 2027 में उसे सैफई भेज देगी. उन्होंने कहा कि विकास, सुरक्षा और सबका साथ की राजनीति अब राज्य की जनता का पसंदीदा फॉर्मूला बन चुका है. सपा अगर समय रहते अपनी रणनीति नहीं बदलती तो सैफई तक सीमित रह जाएगी.

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यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर गर्मागर्मी बढ़ने लगी है. भाजपा नेता लगातार सपा पर तुष्टीकरण का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सपा इसे भाजपा की घबराहट बता रही है. केशव प्रसाद मौर्य के इस तीखे हमले से सियासी तापमान और बढ़ने की उम्मीद है.