प्रयागराज. उत्तर प्रदेश में नए माध्यमिक विद्यालय खोलने वाले स्कूल संचालकों के लिए बड़ी खबर है. अब यूपी बोर्ड से स्कूल की मान्यता या संबद्धता लेने के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा 18 प्रतिशत जीएसटी भी देना होगा. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मान्यता और संबद्धता शुल्क पर जीएसटी को अनिवार्य कर दिया है.
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया नियम
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी. अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नई मान्यता या संबद्धता के लिए आवेदन करने वाली सभी संस्थाओं को निर्धारित शुल्क के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी राशि भी जमा करनी होगी.
परिषद ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी भुगतान की पुष्टि होने के बाद ही मान्यता संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. बिना जीएसटी जमा किए गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा.
भारत सरकार के निर्देश के आधार पर लिया फैसला
परिषद सचिव की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि यह निर्णय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के 11 अक्टूबर 2024 के परिपत्र और जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत लिया गया है. इसके तहत मान्यता और संबद्धता शुल्क को जीएसटी के दायरे में शामिल किया गया है. भविष्य में भी स्कूलों के सभी नए आवेदन इसी नियम के तहत स्वीकार किए जाएंगे.
अलग से जमा करनी होगी जीएसटी राशि
आदेश के मुताबिक, स्कूल संचालकों को पहले की तरह मान्यता शुल्क राजकोष में जमा करना होगा. इसके बाद 18 प्रतिशत जीएसटी की राशि माध्यमिक शिक्षा परिषद के खाते में अलग से जमा करनी होगी. जीएसटी भुगतान की रसीद को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में भी रसीद जमा करनी होगी.
जिला स्तर पर स्कूलों को दी जाएगी जानकारी
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और नए मान्यता आवेदकों को इस नए नियम की जानकारी उपलब्ध कराएं. परिषद ने अधिकारियों से कहा है कि नए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि मान्यता प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो.
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यूपी बोर्ड के इस फैसले से नए स्कूल खोलने की तैयारी कर रहे संस्थानों पर आर्थिक भार बढ़ेगा अब उन्हें मान्यता शुल्क के साथ अतिरिक्त जीएसटी राशि की व्यवस्था भी करनी होगी.

