ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय बहामास, गयाना और एंटीगुआ एंड बारबुडा के नौ दिन के दौरे पर हैं, जहां गुलामी पर माफी और मुआवजे की मांग उठ रही है. किंग चार्ल्स तृतीय ने अपने देश के गुलामी के इतिहास पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि गुलामों के व्यापार में ब्रिटेन की रोल इतिहास का शर्मनाक और दर्दनाक हिस्सा रहा है. उन्होंने कहा कि इसे याद कर उनका दिल दहलता है और उन्हें गहरा दुख होता है.
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अपने देश के गुलामी के इतिहास पर दुख जताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि हम इतिहास को बदल नहीं सकते, लेकिन उससे सीख जरूर ले सकते हैं.
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय अगले नौ दिन बहामास, गयाना और एंटीगुआ एंड बारबुडा के दौरे पर हैं. हर जगह उन्हें गुलामी के मुद्दे की याद दिलाई जाएगी, क्योंकि ब्रिटेन से माफी और मुआवजे की मांग हो रही है. कैरिबियाई और अफ्रीकी देश ब्रिटेन से गुलामी के इतिहास के लिए औपचारिक माफी और वित्तीय मुआवजे की लगातार मांग कर रहे हैं.
चार्ल्स तृतीय ने अपने देश के गुलामी के इतिहास पर दुख जताया है. ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने कैरिबियाई और कॉमनवेल्थ देशों के नेताओं की बैठक में स्वीकार किया है कि गुलामों का व्यापार ब्रिटिश इतिहास का शर्मनाक और दर्दनाक हिस्सा रहा है.
उनका बयान ऐसे समय आया है, जब कैरिबियाई देश ब्रिटेन से गुलामी के लिए माफी और मुआवजा मांग रहे हैं. चार्ल्स बोले- इतिहास को बदल नहीं सकते, उससे सीख सकते हैं किंग चार्ल्स ने कहा कि गुलामी का इतिहास आज भी कैरिबियाई देशों और कॉमनवेल्थ के दूसरे सदस्यों को प्रभावित कर रहा है.
किंग चार्ल्स ने कहा कि इतिहास में हमारे पूर्वजों के अच्छे काम भी हैं और गलतियां भी. हम उनके किए कामों को बदल नहीं सकते, लेकिन उनसे सीख जरूर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ हिम्मत और मजबूत इरादों से लड़ाई लड़ी जा सकती है.
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