BRICS समिट के दौरान आयोजित डिनर के शाकाहारी मेन्यू को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू आमने-सामने आ गए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारत में नॉन-वेज खाना खाने वालों को लेकर एक आंकड़ा साझा किया, जिसके बाद रिजिजू ने इसे BRICS नेताओं के लिए परोसे गए भोजन से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने रविवार को X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि भारत में 80% लोग नॉन-वेजेटेरियन हैं। उन्होंने भारतीय नॉन-वेज भोजन को स्वादिष्ट बताते हुए पोस्ट के साथ छोले-भटूरे की तस्वीर भी साझा की। हालांकि, अपने पोस्ट में उन्होंने इस आंकड़े का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं बताया।

किरेन रिजिजू ने दिया जवाब
राहुल गांधी के पोस्ट के करीब एक घंटे बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी BRICS देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है। रिजिजू ने बताया कि विदेशी मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया, जिसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों की पाक परंपराओं की झलक थी।

क्या था BRICS डिनर का मेन्यू?
12 सितंबर के डिनर में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता, गुजराती खांडवी और मिलेट्स का पुलाव शामिल था। इसके अलावा कश्मीर की मशरूम डिश और मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई।
भारत में नॉन-वेज खाने वालों का आधिकारिक आंकड़ा?
भारत में नॉन-वेजेटेरियन आबादी का कोई एक आधिकारिक प्रतिशत उपलब्ध नहीं है। NFHS-5 (2019-21) के अनुसार, 15-49 वर्ष के 83.4% पुरुष और 70.6% महिलाएं कम से कम कभी-कभार मछली, चिकन या मांस खाती थीं। यह आंकड़ा राहुल गांधी के बताए 80% से अलग है और पूरी आबादी का सीधा अनुमान भी नहीं है।
डिनर डिप्लोमेसी क्यों अहम?
BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डिनर डिप्लोमेसी नेताओं को औपचारिक प्रोटोकॉल से अलग अनौपचारिक बातचीत का अवसर देती है। ऐसे माहौल में आपसी विश्वास बढ़ाने और संवेदनशील मुद्दों पर संवाद की जमीन तैयार करने में मदद मिल सकती है।
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