Kotputli Borewell Incident Chetna: राजस्थान के कोटपूतली में 3 साल की बच्ची चेतना चार दिन से 700 फीट गहरे बोरवेल में फंसी है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे खेलते वक्त वह बोरवेल में गिर गई थी। चेतना करीब 150 फीट की गहराई में अटक गई है। उसे निकालने के लिए NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं। देसी जुगाड़ और कई प्लान्स आजमाने के बावजूद सफलता नहीं मिली।
दिल्ली से आई रैट माइनर्स की टीम
बच्ची को बचाने के लिए हरियाणा से बड़ी पाइलिंग मशीन मंगवाई गई, लेकिन उससे भी कामयाबी नहीं मिली। अब दिल्ली से रैट माइनर्स की टीम बुलाई गई है, जिन्होंने उत्तराखंड टनल हादसे में भी काम किया था। रैट माइनर्स बोरवेल तक पहुंचने के लिए हॉरिजॉन्टल सुरंग बनाएंगे। इस प्रयास से लोगों को उम्मीद है कि बच्ची को सुरक्षित निकाला जा सकेगा।

मां की हालत बिगड़ी
चेतना के वियोग में उसकी मां की हालत बिगड़ गई है। सोमवार से उन्होंने कुछ नहीं खाया-पीया है और लगातार रोने से उनकी तबीयत खराब हो गई है। डॉक्टरों ने उन्हें ओआरएस का घोल और जरूरी दवाइयां दी हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में तीसरा दिन
सरुंड थानाक्षेत्र में चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन को तीन दिन हो चुके हैं। NDRF और SDRF की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। पाइलिंग मशीन से बोरवेल के समानांतर सुरंग बनाने की कोशिश की गई। इसके साथ ही एल-बैंड (देसी जुगाड़) का भी इस्तेमाल हुआ, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। बोरवेल में ऑक्सीजन पाइप लगाकर ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है और कैमरे से बच्ची की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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