राकेश कथूरिया, कैथल. डीसी अपराजिता ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान योजना शुरू कर दी गई है। विभागीय पोर्टल खोल दिया गया है। इच्छुक किसान 15 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए समय पर कृषि मशीनरी उपलब्ध करवाना है, ताकि पराली प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा सके।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कैथल उपनिदेशक डॉ. रविंद्र हुड्डा ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान का पिछले दो सीजन यानी खरीफ और रबी 2025-26 के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है। एक फैमिली आईडी से केवल एक किसान एक मशीन के लिए आवेदन कर सकता है। हालांकि, यदि कोई किसान स्ट्रॉ बेलर मशीन के लिए पात्र पाया जाता है, तो वह रोटरी स्लेशर और हे रेक मशीन भी खरीद सकता है।

सहायक कृषि अभियंता इंजीनियर जगदीश मलिक ने बताया कि आवेदन करने वाले किसान के नाम पिछले दो वर्षों में धान अवशेष जलाने के कारण ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रेड एंट्री नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदन के दौरान किसान को पैन कार्ड, ट्रैक्टर की आरसी, छोटे और सीमांत किसानों के लिए पटवारी रिपोर्ट तथा स्वयं घोषणा पत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा। आवेदक किसान ने पिछले तीन वर्षों में संबंधित मशीन पर अनुदान का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।


योजना के तहत किसान सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर मल्चर, रोटरी स्लेशर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, सुपर सीडर, सरफेस सीडर, स्ट्रॉ बेलर, स्ट्रॉ रेक, फॅप रीपर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर और अन्य कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने जिले के किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए किसान जिला परिषद भवन स्थित सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।