विदेश दौरे से लौट रहे कुलदीप बिश्नोई की भाजपा से बढ़ती दूरियों ने नए सियासी समीकरणों को जन्म दे दिया है। बिश्नोई समर्थकों की नाराजगी के बीच उनके अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। Kuldeep Bishnoi लंबे समय बाद विदेश दौरे से आज लौट रहे हैं और उनकी वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सांसद Rekha Sharma द्वारा उनके पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री Bhajan Lal पर दिए गए आपत्तिजनक बयान के बाद जिस तरह कुलदीप बिश्नोई ने भाजपा आलाकमान से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की थी, उसके बाद से वह पार्टी की गतिविधियों से भी कुछ दूरी बनाए हुए दिखाई दे रहे थे।

सूत्रों के अनुसार कुलदीप बिश्नोई समर्थक लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पार्टी नेतृत्व ने अब तक इस पूरे मामले में कोई स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं की। इसी बीच उनकी विदेश से वापसी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। सियासी गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि क्या कुलदीप बिश्नोई भाजपा में रहकर फिर से दबाव की राजनीति करेंगे या फिर कोई बड़ा फैसला लेकर नई रणनीति अपनाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भाजपा नेतृत्व की ओर से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिलता, तो कुलदीप बिश्नोई दोबारा अपनी मांग को खुलकर उठा सकते हैं। वहीं कांग्रेस में उनकी “घर वापसी” की चर्चाएं भी फिर तेज हो गई हैं, क्योंकि भजनलाल परिवार का कांग्रेस से पुराना राजनीतिक रिश्ता रहा है। दूसरी ओर कुछ हलकों में यह भी चर्चा है कि वे क्षेत्रीय राजनीति को देखते हुए Indian National Lok Dal के साथ भी नए समीकरण बना सकते हैं।

सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि अगर कुलदीप बिश्नोई कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हैं, तो क्या उनके समर्थक नेता और कार्यकर्ता भी उनके साथ जाएंगे? हिसार और आदमपुर क्षेत्र में आज भी भजनलाल परिवार का मजबूत प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनकी अगली राजनीतिक चाल सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा के सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।