कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा ने यमुनानगर में पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी को स्वीकारते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा की उम्र का हवाला देते हुए प्रदेश में किसी युवा नेतृत्व को आगे लाने की वकालत की।

परवेज खान,यमुनानगर। हरियाणा कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। यमुनानगर पहुंचे पूर्व विधानसभा स्पीकर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा ने पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर एक बेहद बड़ा और बेबाक बयान दिया है। कुलदीप शर्मा ने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि इस समय हरियाणा में दो तरह की कांग्रेस चल रही है। उन्होंने वास्तविकता को उजागर करते हुए कहा कि एक कांग्रेसी वो हैं जो पार्टी हाईकमान यानी राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उन्हें अपना नेता मानते हैं, जबकि दूसरे कांग्रेसी किसी को नेता मानते ही नहीं हैं।

हुड्डा की उम्र पर टिप्पणी और युवा नेतृत्व की मांग

कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की ‘सद्भावना यात्रा’ के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में यमुनानगर पहुंचे कुलदीप शर्मा ने सीधे तौर पर हरियाणा कांग्रेस के भीतर चल रही गहरी गुटबाजी की तरफ इशारा किया। उन्होंने इसे एक ऐसी सच्चाई बताया जिसे अब छुपाया नहीं जा सकता है। इसके साथ ही, कुलदीप शर्मा ने हरियाणा कांग्रेस के भविष्य और कमान को लेकर भी एक बड़ा संकेत दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हुड्डा साहब अब 80 साल के हो जाएंगे, इसलिए अब समय आ गया है कि पार्टी में किसी नए और यंग लीडरशिप (युवा नेतृत्व) को आगे लाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

सद्भावना यात्रा और संगठन के भीतर का असंतोष

वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा ने गुरुग्राम में आयोजित हुई सद्भावना यात्रा का जिक्र करते हुए संगठन के भीतर की दूरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि गुरुग्राम की यात्रा में कांग्रेस के विधायक क्यों नहीं पहुंचे, यह बात उनकी समझ से बिल्कुल परे है। हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की जमकर सराहना की और कहा कि इस सद्भावना यात्रा को असली ऊंचाई तब मिली जब खुद राहुल गांधी इसमें शामिल हुए। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी जन-संवाद यात्राएं ब्लॉक और जिला स्तर तक आयोजित होनी चाहिए ताकि जनता से सीधा संपर्क साधा जा सके और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हो।